बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद एक बार फिर हिंसा शुरू हो गई है। उस्मान हादी वही है, जिसके भारत-विरोधी रुख ने बांग्लादेश की शेख हसीना की सरकार गिरा दी थी।
इस्लामी कट्टरपंथी उस्मान हादी की मौत के बाद उसके समर्थकों ने बांग्लादेश में तोड़फोड़ और आगजनी की। मीडिया संस्थान और अवामी लीग को आग के हवाले कर दिया। भारत-विरोधी नारे लगाए।
1983 में असम में हुए 3 महीने के हिंसक आंदोलन के पीछे तिवारी रिपोर्ट में आसु और एजेएसपी को जिम्मेदार ठहराया है। हालाँकि मूल वजह असमियों के मन में बैठ गया 'भय' था।
ओडिशा के कटक में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचाए बवाल के बाद कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएँ बंद हैं। VHP ने पूरे शहर में बंद का ऐलान किया है।