किश्तवाड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि मारवा इलाके के रहने वाले गुलाम हुसैन, मोहम्मद यासीन, जाकिर हुसैन, मोहम्मद इकबाल और बशीर अहमद हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पनाह देने के साथ उनकी मदद करते थे।
भारतीय सेना को ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी कि पुलवामा में तीन आतंकी छिपे हुए हैं। इस जानकारी के आधार पर सेना की राष्ट्रीय राइफ़ल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवानों ने मिलकर त्राल क्षेत्र में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे तक चले इस ऑपरेशन के अंत में...
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुश्ताक इन पोस्टर्स पर हस्ताक्षर करने के लिए एक और नाम - 'बाबर आज़म' का इस्तेमाल कर रहा है। पंजाब के एक सेब व्यापारी, एक ट्रक ड्राइवर और एक मज़दूर को इन आतंकवादियों ने मार डाला। आतंकवादियों ने कम से कम चार खेतों में आग लगा दी।
2020 तक कश्मीर को अलग करने की धमकी देने वाली पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की पार्टी के विधायक ज़फर इकबाल मन्हास का भतीजा कामरान जहूर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दिन में शामिल हो चुका है।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि निचली अदालत द्वारा जाँच पूरी करने के लिए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को और समय दिए जाने के बाद अभियुक्त को ज़मानत नहीं दी जा सकती।