सलमान खुर्शीद ने उसकी तरफ से पैरवी करते हुए कहा था कि गवाहों के शुरुआती बयानों में ताहिर हुसैन का नाम कहीं नहीं आया था और उसके खिलाफ कोई खास एक्ट्स नहीं लगाए गए थे।
"अदालत दिल्ली सरकार को 2 हफ्ते के भीतर एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देती है। हलफनामे में बीते 3 वर्षों में विज्ञापन पर किए गए खर्चों का पूरा ब्यौरा होना चाहिए।"