"मैं पश्चिमी चीन में हिरासत में लिए जा रहे उइगरों के विषय पर पाकिस्तान की ओर से वही प्रतिक्रिया देखना चाहूँगा। उइगरों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा सिर्फ़ कश्मीर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक रूप से दुनिया भर में लागू है।"
"पाक के पंजाबी मुस्लिम बहुसंख्यकों के अल्पसंख्यकों के साथ किए अत्याचार की सैकड़ों कहानियाँ हैं। 2018 में पाकिस्तान नेशनल असेंबली के एक सदस्य सैयद अली रज़ा आब्दी को पाकिस्तान की सेना के इशारे पर मार दिया गया था।"
5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। हमने जब सत्ता संभाली तो देश की इकॉनमी 2 ट्रिलियन डॉलर की थी, हमने पिछले 5 सालों में इसमें 1 ट्रिलियन डॉलर और जोड़ा है।
अमेरिका में आज तक कोई राष्ट्रपति महाभियोग की प्रक्रिया के जरिए नहीं हटाया गया है। कयास हैं कि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास हो सकता है। लेकिन, सीनेट में इसे पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, जहाँ रिपब्लिकन का पलड़ा भारी है।
"मेरे पिताजी ने हमेशा देशहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखा था। मैं अपने पिता की ही संतान हूँ, राजनीतिक ध्रुवीकरण के बढ़ते जाने पर भी अपने मूल सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं करूँगा।"
कैलिफोर्निया के कमिश्नर अविंदर चावला ने कहा कि मोदी सरकार ने सिखों के कल्याण के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। खास तौर पर करतापुर कॉरिडोर खोले जाने को लेकर भारत सरकार के प्रयासों के लिए प्रवासी सिखों ने प्रसन्नता व्यक्त की और उनका शुक्रिया अदा किया।
अमेरिका से शरण मॉंगने वाली इस्माइल फिलहाल अपनी बहन के घर ब्रुकलीन में रह रहीं हैं। उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि पाकिस्तानी अधिकारियों से बचकर वह अमेरिका आने में कैसे सफल हुईं। केवल इतना बताया है कि वो हवाई जहाज से अमेरिका नहीं पहुँचीं।
स्थानीय पुलिस के अनुसार यह हमला अमेरिका के राष्ट्रपति भवन White House से महज़ 2.1 मील (3.5 किमी) की दूरी पर हुआ है। हल्के रंग की निसान सेडान में बैठे संदिग्धों के पास AK असॉल्ट राइफल होने का संदेह पुलिस ने जताया है।
24 सितंबर को गाँधी जी की आगामी 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र में विशेष समारोह होगा। कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने समारोह में शामिल होने के लिए हामी भरी है। इनमें संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ऍन्तोनिओ गुतेरेश के अलावा सिंगापुर, कोरिया, न्यूज़ीलैंड आदि के राष्ट्राध्यक्षों के भी शमिल होने की उम्मीद है।
2014 में पीएम बनने के बाद ह्यूस्टन इवेंट भारतीय-अमेरिकियों को संबोधित करने का पीएम मोदी का तीसरा बड़ा कार्यक्रम होगा। मई 2019 में दोबारा चुने जाने के बाद अमेरिका में यह इस तरह की पीएम की पहली रैली है।