ममता सरकार लॉकडाउन में अन्य राज्यों में फॅंसे बंगाल के मजदूरों की घर वापसी में अड़ंगा डाल रही है। नाखुशी जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पत्र लिखा है।
अमित शाह की मृत्यु देखने के लिए लेखा इतनी उतावली हैं कि वे लिखती हैं, “और बीमारी क्या है? कोविड, कैंसर या दोनों? अगर ये तड़ीपार है, तो उम्मीद है दोनों।”
सीएम उद्धव ने दुःख जताते हुए इस घटना में दोषियों को न बख्शने की बात कही। उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।
"भविष्य के लिए उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वह सभी मजदूरों को सही तरीके से रखें। जरूरत पड़ने पर उन्हें शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए, जहाँ पर सभी मूलभूत सुविधाएँ हों।"
"ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं, भारत हर मामले में पीछे है।" - राजस्थान महिला कॉन्ग्रेस की महासचिव रीना मिमरोत ने ट्विटर पर यह लिखा, क्यों लिखा इसका जवाब सिर्फ वो या कॉन्ग्रेस दे सकती है।
कॉन्ग्रेस ख़ुद अपनी सरकार बचाने को लेकर आश्वस्त नहीं, उसे पता है कि सदन में वो अल्पमत में है। तभी विधायकों को अपनी पार्टी के साथ बाँध रखने में अक्षम CM कमलनाथ को गृहमंत्री अमित शाह को लंबा-चौड़ा 4 पेज का लेटर लिखना पड़ गया।
“दिल्ली में हुए दंगों की जाँच पड़ताल में सोशल मीडिया में 60 ऐसे अकाउंट मिले हैं जो 22 फरवरी को शुरू हुए और 26 फरवरी को बंद हो गए। अगर ये लोग सोचते हैं कि अकाउंट बंद करके वो बच जाएँगे तो मैं बता दूँ कि वो जहाँ पर भी हैं पुलिस उनको ढूँढ निकालेगी।”