Wednesday, January 26, 2022
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शरजील हो या टुकड़े-टुकड़े गैंग, बख्शा नहीं जाएगा, भुगतने होंगे परिणाम: अमित शाह की दो टूक

"सीएए पर जिसने भी भ्रांति फैलाई है उसे अब चिंता हो रही है। हमने दिल्ली में षड्यंत्र का एक केस भी रजिस्टर किया है और उसके तहत जो जो भी दोषी होगा, उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को एक इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने अर्थव्यवस्था से लेकर प्रवासी संकट, पालघर लिंचिंग से लेकर चीन के साथ सीमा गतिरोध तक, हर सवाल के जवाब दिए हैं।

‘टुकडे टुकडे गैंग’ के संबंध में एक सवाल पर गृह मंत्री ने दोहराया कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो शरजील इमाम हो या फिर ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ के ‘साजिशकर्ता’। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि देश की एकता और अखंडता को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

प्रवासी मजदूरों के सवाल पर अमित शाह ने कहा, “केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को 11,000 रुपए भेजे थे, ताकि शिविरों में रह रहे प्रवासियों की मदद की जा सके। हम इस बात से सहमत हैं कि कुछ कम्युनिकेशन गैप आए हैं, मगर हमें यह भी समझना चाहिए कि इन श्रमिकों को घर भेजने के लिए बसों और ट्रेनों को नियमित रूप से चलाया जा रहा है। 41 लाख प्रवासियों को बसों के जरिए भेजा गया। 54 लाख प्रवासी कामगारों को वापस भेजने के लिए 3,968 श्रमिक स्पेशल चलाए गए हैं।”

चीन के साथ सीमा गतिरोध के मुद्दे पर गृह मंत्री ने कहा, “नरेन्द्र मोदी सरकार देश की सीमाओं की सुरक्षा और देश के सार्वभौमत्व पर जरा भी आँच नहीं आने देगी। डिप्लोमेटिक स्तर पर और सेना के स्तर पर भारत-चीन मुद्दे पर बात हो रही है। मुझे भरोसा है कि स्थिति सँभल जाएगी। हम किसी का कुछ नहीं लेना चाहते हैं, लेकिन हमारा लेने की कोशिश करने वाले को मुँह तोड़ जवाब दिया जाएगा।”

पाकिस्तान के बारे में उन्होंने कहा, “भारत ने कभी भी विस्तारवादी नीति नहीं अपनाई है। मैं स्पष्ट रूप से कहता हूँ कि चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक हो या हवाई हमला, न तो भारत की सीमाओं का उल्लंघन बर्दाश्त किया जाएगा और न ही भारत के क्षेत्र पर हमला। हम किसी और के किसी भी चीजों की अभिलाषा या लोभ नहीं रखते हैं।”

इसके साथ ही गृह मंत्री ने कहा, “हम भारत को उत्पादन का हब बनाना चाहते हैं। अगर देश का व्यक्ति ये तय कर ले कि हम भारत में बनी चीजों का ही उपयोग करेंगे तो हमारे अर्थतंत्र को बड़ी गति मिलेगी। आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल की दिशा में हम आगे बढ़ेंगे।”

अमित शाह ने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने और नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में बात करते हुए कहा, “ये दोनों देश की एकता और अखंडता से जुड़े हैं। सीएए पर जिसने भी भ्रांति फैलाई है उसे अब चिंता हो रही है। हमने दिल्ली में षड्यंत्र का एक केस भी रजिस्टर किया है और उसके तहत जो जो भी दोषी होगा, उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।”

उन्होंने आतंकवाद के लिए कॉन्ग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि घाटी में युवाओं को भड़काने का सबसे बड़ा कारण अनुच्छेद 370 था। इससे अलगाववाद और आतंकवाद की तरफ घाटी का युवा जाता था। 90 के बाद सबसे कम आतंकी घटनाएँ 370 हटाने के बाद और 2014-2020 के दौरान हुई है।

इसके साथ ही उन्होंने पालघर लिंचिंग पर कहा कि भारत सरकार इस पर मूक दर्शक बनकर नहीं बैठी है। हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया है। ये गंभीर मामला है और सरकार इस पर मूक दर्शक बनकर नहीं बैठेगी।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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