BBC, Reuters और डेली मेल जैसे विदेशी मीडिया ने AAIB की रिपोर्ट को तोड़-मरोड़ कर इस तरह पेश किया जैसे अहमदाबाद प्लेन क्रैश की सारी गलती सिर्फ पायलटों की ही हो।
हमास को दुनिया आतंकवादी संगठन मानती है और बीबीसी पर सवाल उठ रहे हैं कि उसने हमास से जुड़े शख्स के बेटे को क्यों चुना? क्या ये आतंकवादियों को बढ़ावा देने की कोशिश थी?