जाँच से पता चला कि नोएडा हिंसा स्पॉन्टेनियस नहीं थी। मुख्य आरोपित अदित्य आनंद ने 5 साल से तैयारी कर रखी थी। श्रमिकों को भड़काने के लिए 17+ व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाए गए।
'द इकोनॉमिस्ट' ने हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति को ऐसे दिखाने की कोशिश की है जैसे बाबर के आने से पहले न तो संस्कृति थी और न भाषा, कला। ये सब हमने मुगलों से सीखा