नामांकन के बाद भाजपा की एक सभा हुई। इस सभा में विजय राजभर अपने सब्जी बेचने वाले पिता से गले मिल फूट-फूट कर रोने लगे। इस दृश्य को देख कर वहाँ मौजूद लोगों की आँखें भर आईं। मंत्री अनिल राजभर ने सब्जी बेचने वाले नन्दलाल राजभर को पूरे सम्मान के साथ मंच पर बिठाया।
योगेश्वर दत्त को बरौदा, संदीप सिंह को पिहुआ और बबीता फोगाट को दादरी से टिकट मिला है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल से चुनाव लड़ेंगे। सोमवार को जिन नामों का ऐलान किया गया उनमें 38 मौजूदा विधायक हैं। 7 मौजूदा विधायकों का नाम सूची में नहीं है।
सब्यसाची का काफी समय से पार्टी नेताओं से मतभेद भी चल रहा था। उन्होंने भी पार्टी के शीर्ष नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। उन्हें मेयर के पद से हटाने के लिए टीएमसी के सदस्य ही अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे।
नमिता मुंदड़ा को एनसीपी ने बीड के कैज विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन, उन्होंने लोकसभा सांसद प्रीतम मुंडे और राज्य मंत्री पंकजा मुंडे की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को वोट डाले जाएँगे और मतगणना 24 तारीख को होगी।
पूर्व केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर तिरुवनंतपुरम सीट से कॉन्ग्रेस के टिकट पर 2009, 2014 और 2019 में जीत दर्ज कर चुके हैं। हालिया लोकसभा चुनावों में उन्होंने पिछले दोनों चुनावों से भी ज्यादा मत प्राप्त कर जीत दर्ज की थी।
सुषमा स्वराज का 67 साल की उम्र में निधन हो गया था। निधन से पहले उनका आखिरी ट्वीट 370 हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद का था। उन्होंने पिछले लोक सभा चुनाव से भी बाहर रहने की घोषणा की थी, जिसे उनका चुनावी राजनीति से संन्यास माना गया था।
पेशी के लिए जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कल्याण सिंह ने कहा था, “सीबीआई कोर्ट ने मुझे आज तलब किया था इसलिए मैं जा रहा हूँ। मैंने हमेशा न्यायालय का सम्मान किया है और करता रहूँगा।”
योगेश्वर दत्त ने 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और उन्हें 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। जबकि संदीप सिंह 2004 से 2012 तक भारत की हॉकी टीम का हिस्सा रहे हैं। वह 2009 में भारत की हॉकी टीम के कप्तान बनाए गए थे।
"मुझे गर्व है कि मैं जब संसद पहुँचा तो वहाँ पर अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बड़े नेता थे, सोमनाथ चटर्जी स्पीकर थे। मुझे गर्व है कि जब मैं संसद पहुँचा तो मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। यह सभी बड़े नेता थे, वे पार्टी से अलग जा सकते थे।"
कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह भी संभव है कि दिल्ली में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट और भारत सरकार का घुसपैठियों की पहचान करने का जो दिशा निर्देश है, उसके रास्ते में रोड़े अटकाने की साजिश हो।