डासना मंदिर पर हमले की पूरी प्लानिंग की गई थी। इसके लिए बुजुर्गों को पीस कमेटी की बैठक में भेज, इस्लामी कट्टरपंथियों को डासना मंदिर पर हमले के लिए भेजा गया।
रवि नेगी ने मुस्लिम दुकानदारों से कहा- जब आपकी हमारी कोई लड़ाई नहीं है तो फिर आप लोग क्यों मुस्लिम नाम छिपाकर हिंदू बस्ती में काम करते हो। असली नाम बोर्ड पर लिखो।