ज्तोतिर्मठ आदि गुरु शंकराचार्य की तपोस्थली रही है। माना जाता है कि वो यहाँ आठवीं शताब्दी में आए थे और अमर कल्पवृक्ष के नीचे तपस्या के बाद उन्हें दिव्य ज्ञान ज्योति की प्राप्ति हुई थी।
पुलिस घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की की भी जाँच कर रही है, साथ ही मुदिपु गाँव और बोलियारू गाँव में हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।