मुस्लिमों, कम्युनिष्टों का समर्थन पाने वाली एनसीपी (शरद पवार), भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) जैसी पार्टियों ने क्रमशः 8, 13 और 9 सीटें हासिल कीं।
सुनील लहरी ने अयोध्या की जनता को धोखेबाज करार देते हुए लिखा, "हम अयोध्या के प्यारे नागरिकों की महानता को सलाम करते हैं, आप ही हैं जिन्होंने देवी सीता को भी नहीं बख्शा।"
लक्ष्मण बाग की जीत से केवल बीजद के नेता ही नहीं बल्कि भाजपा के नेता भी हैरान हैं। सबको लग रहा था कि वो अच्छा प्रदर्शन करेंगे लेकिन चुनाव जीत पाएँगे ये यकीन कम को था।