किसी का घर लूट लिया गया, किसी की दुकान में ताला जड़ दिया गया, तो कहीं भाजपा का दफ्तर ही फूँक दिया गया। पलायन को मजबूर कार्यकर्ता पार्टी के दफ्तरों में बिता रहे रात।
सहारनपुर में मिर्जापुर का रहने वाला मोहम्मद इकबाल परचून की दुकान से काम शुरू कर आगे बढ़ता गया। कभी शहद बेचा, तो फिर राजनीति में आया और खनन माफिया भी बना।