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मैथिली में क्यों वायरल हो रही ‘हम देखेंगे’, क्या मिथिला से भी है फैज का कनेक्शन!

यह मैथिली की खूबसूरती है कि 'हम देखेंगे' की 'बुतपरस्ती' सगुण-निर्गुण ब्रह्म में बदल जाती है। लेकिन, फैज कट्टर पाकिस्तानी थे। यह बात सालों पहले हरिशंकर परसाई दुनिया को बता चुके हैं।

‘जिन्ना वाली आजादी’ के नारे से गूँजा शाहीन बाग: CAA के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन का पर्दाफाश, Video Viral

CAA के विरोध की आड़ में इस्लामिक कट्टरपंथियों और वामपंथियों ने हिंदू विरोधी नारे लगाए। 'फक हिंदुत्व' लिखकर 'ऊँ' चिह्न का भरी दुनिया के सामने अपमान किया। अब इसी इस्लामिक भीड़ ने शाहीन बाग के प्रोटेस्ट में जिन्ना वाली आजादी के नारे लगाए और वहाँ किसी ने इस पर आपत्ति नहीं जताई।

‘जिन्ना हैं राहुल-प्रियंका, हमने तो नहीं कहा मुसोलिनी के फौजी थे सोनिया गाँधी के पिता’

पिछले दिनों राहुल गॉंधी ने कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है। अब उन्हें नया नाम मिल गया। उमा भारती ने उन्हें और उनकी प्रियंका गॉंधी को जिन्ना बताते हुए कहा है कि दोनों CAA के नाम पर मुस्लिमों को डरा रहे हैं।

CJI ने कहा- हिंसा रुकने पर करेंगे सुनवाई, फट पड़ी हिन्दूफोबिया से ग्रसित सबा नक़वी

सबा नकवी का कहना है कि लोगों को सुप्रीम कोर्ट से कोई उम्मीद रखनी चाहिए। यदि शीर्ष अदालत CAA के हक में फैसला सुनाती है तो भी इसके खिलाफ राजनीतिक और नैतिक लड़ाई जारी रखनी चाहिए।

स्वपन दासगुप्ता SFI और TMC के उपद्रवी छात्रों की घेराबंदी से 7 घंटे बाद हुए मुक्त, विजयवर्गीय ने ममता को दी चेतावनी

कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर कहा था कि दासगुप्ता का घेराव करने वालों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) और TMC के गुंडे शामिल थे। दासगुप्ता के व्याख्यान कार्यक्रम की जगह SFI, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) छात्रसंघ के विरोध के कारण पहले से ही बदल दी गई थी, बावजूद इसके उन्हें छात्रों ने बंधक बना लिया था।

तिरंगा यात्रा पर कुरैशी मोहल्ले में हुई पत्थरबाजी, CAA के समर्थन में निकले थे 40 संगठनों के लोग

तिरंगा यात्रा में 'भारत माता की जय' के नारे लग रहे थे। एक और बात जानने लायक है कि जिस कुरैशी मोहल्ले में पत्थरबाजी और हमला हुआ है, उसी जगह पर एक वर्ष पूर्व भी ऐसी घटना हुई थी। उस दौरान राजपूत समाज के एक समारोह पर हमला किया गया था।

देशद्रोहियों और दंगाइयों की हिंसा के बीच पिसता कौन है? गरीब छात्र जो किसी पार्टी के नहीं

इन घटनाओं में एक वर्ग तो वह होता है जो सुनियोजित ढंग से शामिल होता है और एक वर्ग वह होता है जो कि जाने-अनजाने में घटनाओं में शामिल तो हो जाता है लेकिन इसके बाद कानूनी कार्यवाई में फँसने के बाद वह अपने आप को निर्दोष बताते हुए पहले तो दर-दर की ठोकरें खाता है और फ़िर अपनी ही आँखों से अपने भविष्य को चौपट होते हुए भी देखता है।

CAA लाओ, मुस्लिमों को नागरिकता मत दो: 2003 में कॉन्ग्रेस नेताओं ने की पैरवी, आज फैला रहे अफवाह

कॉन्ग्रेस नेताओं से भरी संसदीय समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया था कि पाकिस्तान या बांग्लादेश से आने वाले बहुसंख्यकों (अर्थात मुस्लिमों) को नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए। समिति में प्रणब मुखर्जी, सिब्बल, मोतीलाल वोरा,अंबिका सोनी जैसे कॉन्ग्रेसी थे। लालू जैसे सहयोगी भी।

CAA के समर्थन की ‘सज़ा’: इक़बाल हॉस्टल वालों ने छात्र का सिर फोड़ा, पप्पू यादव की पार्टी पर आरोप

पीड़ित छात्र राजनीति शास्त्र विभाग में स्नातक थर्ड इयर का छात्र है। उसे कुछ उपद्रवी छात्रों ने पकड़ लिया और गाली गलौज करने लगे। इसके बाद छात्र अमरेश की जमकर पिटाई कर दी। उसका गुनाह सिर्फ़ इतना था कि उसने सीएए के समर्थन में एक फेसबुक पोस्ट लिखा था।

JNU हिंसा: ABVP नहीं, कॉन्ग्रेस का इकोसिस्टम आया सामने, चैट वायरल होने के बाद सबसे बड़ा खुलासा

जेएनयू हिंसा को अंजाम देने की वास्तविक बातचीत का दिखावा तो खुद करते हैं और दोष ABVP पर डालते हैं। निश्चित रूप से इस हिंसा से एबीवीपी को तो कोई फायदा नहीं है। किसको है ये आप सभी को पता है? कौन है जो देश में अराजकता, हिंसा और दंगे की स्थिति पैदा करना चाहता है? अब देखना यह होगा कि भारत में अराजकता पैदा करने के लिए कॉन्ग्रेस और वामपंथियों का यह इकोसिस्टम कितनी दूर तक जाएगा?

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