Wednesday, April 8, 2020
होम हास्य-व्यंग्य-कटाक्ष मैथिली में क्यों वायरल हो रही 'हम देखेंगे', क्या मिथिला से भी है फैज...

मैथिली में क्यों वायरल हो रही ‘हम देखेंगे’, क्या मिथिला से भी है फैज का कनेक्शन!

ऐसे वक्त में जब फैज़ को ‘भारत का राष्ट्रभक्त’ साबित करने के लिए वामपंथियों ने पूरा जोर लगा रखा है 'हम देखेंगे' अचानक मैथिली में वायरल होने लगी है। कुछ इस तरह- हमहूँ देखबै! देखबे करबै!

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

फैज़ अहमद फैज़ की कविता ‘हम देखेंगे’ को लेकर आजकल एक नई बहस छिड़ी हुई है। इसकी शुरुआत आईआईटी कानपुर द्वारा एक समिति बनाने से हुई। समिति को यह जॉंचने का जिम्मा दिया गया है कि जिस विरोध-प्रदर्शन के दौरान फैज की नज्म का पाठ हुआ उस दौरान संस्थान के किस नियम-कानून का उल्लंघन तो नहीं हुआ। लेकिन, इस बात से वामपंथियों को मिर्ची लग गई। फैज़ को ‘भारत का राष्ट्रभक्त’ साबित करने पर उन्होंने पूरा जोर लगा रखा है। ट्विटर पर जावेद अख्तर सरीखे लोगों ने फैज़ के गुणगान में ट्वीट्स किए। फैज़ की कविताएँ शेयर की गईं।

अब फैज के इस नज्म का मैथिली अनुवाद अचानक से वायरल हो रहा है। इसके पीछे की वजह जानने से पहले ‘हम देखेंगे’ का मैथिली अनुवाद पढ़िए;

हमहूँ देखबै!
देखबे करबै!
एकटा वादा छल सभ स’
अछि बिधिनाक बनायल जे
हमहूँ देखबै!

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

जुलुमक ई दुष्कर पहाड़
रुइक फाहा सन जेना उड़ि जायत
आ दुखिया जनता के तरबा तर
ई धरती जखन धड़-धड़ धड़कत
सत्ता के मद में चूर जे छथि
हुनका माथा ठनका बजरत
हमहूँ देखबै!

गोसाईं बनल जे बैसल छथि
गरदनियाँ द’ फेकल जयताह
भलमानुष जे सदा उपेक्षित
तोशक पर बैसाओल जयताह
मुकुट हवा में उछलि खसत
आ सिंघासन खंडित होयत

रहि जेतै नाम त’ ओकरे टा
जे सगुण आ निर्गुण दुनू अछि
जे नजरिक संग नजारो अछि
लागत ‘हमहीं ब्रह्म’क जयकारा
जे हमहूँ छी आ अहूँ छी
जनता जनार्दन करत राज
जे हमहूँ छी आ अहूँ छी

साभार: whatsapp

यह मैथिली की खूबसूरती है कि ‘हम देखेंगे’ की ‘बुतपरस्ती’ सगुण-निर्गुण ब्रह्म में बदल जाती है। लेकिन, फैज कट्टर पाकिस्तानी थे। यह बात सालों पहले हरिशंकर परसाई दुनिया को बता चुके हैं।

ऑपइंडिया की पड़ताल से पता चला कि हम देखेंगे का यह मैथिली अनुवाद बुतपरस्त मैथिल मजे लेने के लिए वायरल कर रहे हैं। विदेह की धरती से फैज का दूर-दूर तक कोई कनेक्शन नहीं है।

फैज थे कट्टर पाकिस्तानी, हजारों साल पुराना इतिहास बताते थे Pak का: हरिशंकर परसाई की किताब से खुली पोल

फैज़ अहमद फैज़: उनकी नज़्म और वामपंथियों का फर्जी नैरेटिव ‘हम देखेंगे’

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

लॉकडाउन के बीच शिवलिंग किया गया क्षतिग्रस्त, राधा-कृष्ण मंदिर में फेंके माँस के टुकड़े, माहौल बिगड़ता देख गाँव में पुलिस फोर्स तैनात

कुछ लोगों ने गाँव में कोरोना की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगे पोस्टरों को फाड़ दिया। इसके बाद देर रात गाँव में स्थित एक शिव मंदिर में शिवलिंग को तोड़कर उसे पास के ही कुएँ में फेंक दिया। इतना ही नहीं आरोपितों ने गाँव के दूसरे राधा-कृष्ण मंदिर में भी माँस का टुकड़ा फेंक दिया।

हमारी इंडस्ट्री तबाह हो जाएगी, सोनिया अपनी सलाह वापस लें: NBA ने की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की सलाह की कड़ी निंदा

सरकारी और सार्वजनिक कंपनियों और संस्थाओं द्वारा किसी प्रिंट, टीवी या ऑनलाइन किसी भी प्रकार के एडवर्टाइजमेंट को प्रतिबंधित करने की सलाह की एनबीए ने निंदा की है। उसने कहा कि मीडिया के लोग इस परिस्थिति में भी जीवन संकट में डाल कर जनता के लिए काम कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

कोरोना से संक्रमित एक आदमी 30 दिन में 406 लोगों को कर सकता है इन्फेक्ट, अब तक 1,07,006 टेस्‍ट किए गए: स्वास्थ्य मंत्रालय

ICMR के रमन गंगाखेडकर ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे देश में अब तक कोरोना वायरस के 1,07,006 टेस्‍ट किए गए हैं। वर्तमान में 136 सरकारी प्रयोगशालाएँ काम कर रही हैं। इनके साथ में 59 और निजी प्रयोगशालाओं को टेस्ट करने की अनुमति दी गई है, जिससे टेस्ट मरीज के लिए कोई समस्या न बन सके। वहीं 354 केस बीते सोमवार से आज तक सामने आ चुके हैं।

शाहीनबाग मीडिया संयोजक शोएब ने तबलीगी जमात पर कवरेज के लिए मीडिया को दी धमकी, कहा- बहुत हुआ, अब 25 करोड़ मुस्लिम…

अपने पहले ट्वीट के क़रीब 13 घंटा बाद उसने ट्वीट करते हुए बताया कि वो न्यूज़ चैनलों की उन बातों को हलके में नहीं ले सकता और ऐसा करने वालों को क़ानून का सामना करना पड़ेगा। उसने कहा कि अब बहुत हो गया है। शोएब ने साथ ही 25 करोड़ मुस्लिमों वाली बात की भी 'व्याख्या' की।

जमातियों के बचाव के लिए इस्कॉन का राग अलाप रहे हैं इस्लामी प्रोपेगंडाबाज: जानिए इस प्रोपेगंडा के पीछे का सच

भारत में तबलीगी जमात और यूनाइटेड किंगडम में इस्कॉन के आचरण की अगर बात करें तो तबलीगी जमात के विपरीत, इस्कॉन भक्त जानबूझकर संदिग्ध मामलों का पता लगाने से बचने के लिए कहीं भी छिप नहीं रहे, बल्कि सामने आकर सरकार का सहयोग और अपनी जाँच भी करा रहे हैं। उन्होंने तबलीगी जमात की तरह अपने कार्यक्रम में यह भी दावा नहीं किया कि उनके भगवान उन्हें इस महामारी से बचा लेंगे ।

वो 5 मौके, जब चीन से निकली आपदा ने पूरी दुनिया में मचाया तहलका: सिर्फ़ कोरोना का ही कारण नहीं है ड्रैगन

चीन तो हमेशा से दुनिया को ऐसी आपदा देने में अभ्यस्त रहा है। इससे पहले भी कई ऐसे रोग और वायरस रहे हैं, जो चीन से निकला और जिन्होंने पूरी दुनिया में कहर बरपाया। आइए, आज हम उन 5 चीनी आपदाओं के बारे में बात करते हैं, जिसने दुनिया भर में तहलका मचाया।

प्रचलित ख़बरें

फिनलैंड से रवीश कुमार को खुला पत्र: कभी थूकने वाले लोगों पर भी प्राइम टाइम कीजिए

प्राइम टाइम देखना फिर भी जारी रखूँगा, क्योंकि मुझे गर्व है आप पर कि आप लोगों की भलाई सोचते हैं। बीच में किसी दिन थूकने वालों और वार्ड में अभद्र व्यवहार करने वालों पर भी प्राइम टाइम कीजिएगा। और हाँ! इस काम के लिए निधि कुलपति जी या नग़मा जी को मत भेज दीजिएगा। आप आएँगे तो आपका देशप्रेम सामने आएगा, और उसे दिखाने में झिझक क्यूँ?

मधुबनी में दीप जलाने को लेकर विवाद: मुस्लिम परिवार ने 70 वर्षीय हिंदू महिला की गला दबाकर हत्या की

"सतलखा गाँव में जहाँ पर यह घटना हुई है, वहाँ पर कुछ घर इस्लाम धर्म को मानने वाले हैं। जब हिंदू परिवारों ने उनसे लाइट बंद कर दीप जलाने के लिए कहा, तो वो गाली-गलौज करने लगे। इसी बीच कैली देवी उनको मना करने गईं कि गाली-गलौज क्यों करते हो, ये सब मत करो। तभी उन लोगों उनका गला पकड़कर..."

हिन्दू बच कर जाएँगे कहाँ: ‘यूट्यूबर’ शाहरुख़ अदनान ने मुसलमानों द्वारा दलित की हत्या का मनाया जश्न

ये शाहरुख़ अदनान है। यूट्यब पर वो 'हैदराबाद डायरीज' सहित कई पेज चलाता है। उसने केरल, बंगाल, असम और हैदराबाद में हिन्दुओं को मार डालने की धमकी दी है। इसके बाद उसने अपने फेसबुक और ट्विटर हैंडल को हटा लिया। शाहरुख़ अदनान ने प्रयागराज में एक दलित की हत्या का भी जश्न मनाया। पूरी तहकीकात।

पाकिस्तान: हिन्दुओं के कई घर आग के हवाले, 3 बच्चों की जिंदा जलकर मौत, एक महिला झुलसी, झोपड़ियाँ खाक

जिन झोपड़ियों में आग लगी, और जिनका इससे नुकसान हुआ, वो हिंदू समुदाय के थे। झोपड़ियों में आग लगने से कम से कम तीन बच्चे जिंदा जल गए। जबकि एक महिला बुरी तरह से झुलस गई।

मरकज पर चलेगा बुलडोजर, अवैध है 7 मंजिला बिल्डिंग: जमात ने किया गैर-कानूनी निर्माण, टैक्स भी नहीं भरा

जहाँ मरकज बना हुआ है, वहाँ पहले एक छोटा सा मदरसा होता था। मदरसा भी नाममात्र जगह में ही था। यहाँ क्षेत्र के ही कुछ लोग नमाज पढ़ने आते थे। लेकिन 1992 में मदरसे को तोड़कर बिल्डिंग बना दी गई।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

174,238FansLike
53,799FollowersFollow
214,000SubscribersSubscribe
Advertisements