छात्रा के पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इस्लामिया कॉलेज में शिक्षक तौहीद और शिक्षिका वस्फी खातून ने उसे 'नीची जाति' कह कर प्रताड़ित किया। आत्महत्या के बाद चरित्र पर लगाया लांछन।
मद्रास हाई कोर्ट ने धर्मांतरण के बाद भी जाति का लाभ देने से इनकार किया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पूछा है कि जाति के नाम पर होने वाली रैलियों पर क्यों नहीं स्थायी रोक लगा देनी चाहिए।