इन कानूनों का धरातल पर उतरने के बाद ही उनका विश्लेषण किया जा सकता है। उससे पहले, केंद्र और राज्यों के संबंधों को कमजोर करना अथवा संसद द्वारा पारित कानूनों को फाड़ना कोई लोकतांत्रिक अधिकार नही बल्कि अराजकता है।
दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर जारी किसानों का विरोध प्रदर्शन ‘शाहीन बाग़’ बनने की राह पर है। चाहे वह कट्टरपंथियों की तस्वीरें लेकर उनकी रिहाई की माँग करना हो या प्रदर्शनकारियों द्वारा मीडियाकर्मियों पर हमला की कोशिश हो।
सुप्रीम कोर्ट ने 94 साल की वीरा सरीन की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। सरीन ने 1975 में घोषित आपातकाल को 'पूरी तरह असंवैधानिक' घोषित करने की गुहार शीर्ष अदालत से लगाई है।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफ़िले पर हुए पथराव को लेकर केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के 3 आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने का आदेश जारी किया है।
भारतीय किसान यूनियन की याचिका में माँग की गई है कि कृषि सुधार क़ानूनों से संबंधित पूर्व याचिकाओं पर सुनवाई हो। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि क़ानून कृषि क्षेत्र को निजीकरण की तरफ लेकर जाएँगे।
बूता सिंह ने कहा ने कहा कि उनका यह निर्णय आज की मीटिंग में लिया गया है कि अब भारत के सभी लोग पटरियों पर उतरेंगे। संयुक्त किसान मंच इसकी तारीख तय करेगा और घोषणा होगी।