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हैदराबाद से 5 औरतों को सैफी ने दुबई भेजा, वहाँ सफीर ने ₹2 लाख में बेचा: पीड़ित परिवारों ने मोदी सरकार से लगाई बचाने की गुहार

“इन महिलाओं को पर्याप्त खाना और रहने की जगह दिए बिना ही इनसे 15 घंटे तक काम करवाया जाता है। इन महिलाओं को बातें नहीं सुनने पर यातनाएँ दी जाती हैं और अक्सर यौन शोषण तक किया जाता है। ये जब से दुबई गई हैं तब से ही इन्हें वेतन भी नहीं मिला है।”

हैदराबाद की 5 महिलाएँ दुबई में फँस गई हैं है। इन महिलाओं के परिवारों के मुताबिक़ एक ट्रैवल एजेंट की धोखाधड़ी की वजह से ऐसा हुआ। शुक्रवार (11 दिसंबर 2020) को इन पाँचों महिलाओं ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई।

इस घटना के संबंध में एएनआई से बात करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अमजद उल्लाह खान ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया, “तेलंगाना हैदराबाद स्थित मिसरीगंज के लोकल एजेंट सैफी ने हैदराबाद की ही 5 महिलाओं को दुबई के एक शॉपिंग मॉल में नौकरी दिलाने की बात कही थी। अक्टूबर 2020 में उसने पाँचों महिलाओं को तीन महीने के वीज़ा पर दुबई भेजा और फिर उन्हें दुबई की लेबर रिक्रूटमेंट कंपनी में काम करने वाले अल सफीर को सौंप दिया। इसके बाद प्रत्येक महिला को 2 लाख रुपए में बतौर घरों में काम करने वाली नौकरानी, अरब परिवारों को बेच दिया गया।” 

15 घंटे काम और यौन शोषण

महिलाओं के हालात का ज़िक्र करते हुए अमजद उल्लाह ने बताया, “इन महिलाओं को पर्याप्त खाना और रहने की जगह दिए बिना ही इनसे 15 घंटे तक काम करवाया जाता है। इन महिलाओं को बातें नहीं सुनने पर यातनाएँ दी जाती हैं और अक्सर यौन शोषण तक किया जाता है। ये जब से दुबई गई हैं तब से ही इन्हें वेतन भी नहीं मिला है।” 

उन्होंने भारत सरकार से निवेदन किया वह जल्द से जल्द इस मामले में दखल देकर मदद करें। अबू धाबी, यूएई में मौजूद भारतीय दूतावास और दुबई में मौजूद भारतीय वाणिज्य दूतावास मदद के लिए आगे आए ताकि इन महिलाओं को इस मुश्किल से बचाया जा सके और इनकी देश वापसी संभव हो सके। 

पीड़ित अमरीन बेग़म की बहन समीना बेग़म ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “एक लोकल एजेंट सैफी के माध्यम से मेरी बहन दुबई गई थी। उसने हमें फोन करके बताया कि वह मुश्किल में है। उसके अलावा 4 और ऐसे लोग हैं जो इस षड्यंत्र का शिकार हुए हैं। जब हमें इस बात की जानकारी मिली तब हमने उस लोकल एजेंट से संपर्क किया और सभी को वापस बुलाने की बात कही। उसने ऐसा करने के लिए 1.50 लाख रुपए माँगे। हमारा परिवार बहुत गरीब है, हम उन्हें वापस बुलाने के लिए इतने रुपए नहीं दे सकते हैं। हमने भारत सरकार से निवेदन किया है कि उन सभी को सुरक्षित वापस भारत बुला लें।”  बदरून्निसा का कहना है कि सैफी ने उनकी बेटी को काम के लिए दुबई भेजा और अब उसे वहाँ प्रताड़ित किया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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