इन परिवारों ने खुलासा किया कि मिशनरियों ने बीमारी ठीक करने के नाम पर उन्हें झाँसे में लिया और कथित पवित्र पानी पिलाकर ईसाई मजहब अपनाने के लिए मजबूर किया।
ईडी का आरोप है कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में 2161 करोड़ रुपए का शराब घोटाला हुआ, जिसमें कई उच्च पदस्थ अधिकारी और कारोबारी शामिल थे। उन्हें संदेह कि इस घोटाले में चैतन्य बघेल भी शामिल हो सकते हैं।