Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाछत्तीसगढ़ की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर मारे गए 31 नक्सली, 400 IED-2 टन विस्फोटक मिला:...

छत्तीसगढ़ की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर मारे गए 31 नक्सली, 400 IED-2 टन विस्फोटक मिला: अब तक 35 बार वामपंथी आतंकियों के साथ एनकाउंटर

सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 24 अप्रैल को 4 नक्सली मारे थे जबकि 7 मई को 27 नक्सलियों का सफाया किया। इसके बाद चलाए गए सफाई अभियान से पुलिस को कर्रेगुट्टा पहाड़ी से 400 से अधिक IED बम और 40 हथियार बरामद हुए हैं। यहाँ से 2 टन विस्फोटक भी बरामद हुआ है।

छत्तीसगढ़ के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर हुए पुलिस ऑपरेशन में 31 नक्सली मार गिराए गए हैं। पुलिस ने उनकी लाशें बरामद की हैं। उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। नक्सलियों के लिए सुरक्षित गढ़ रही इस पहाड़ी को सुरक्षाबलों ने 10 हजार जवानों के साथ घेरा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 अप्रैल 2025 को चालू हुए ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 31 नक्सली मारे हैं, इनके शव बरामद हुए हैं। 20 शवों की पहचान कर ली गई है और इनमें 11 को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। बाक़ी 11 की पहचान की जा रही है।

सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 24 अप्रैल को 4 नक्सली मारे थे जबकि 7 मई को 27 नक्सलियों का सफाया किया। इसके बाद चलाए गए सफाई अभियान से पुलिस को कर्रेगुट्टा पहाड़ी से 400 से अधिक IED बम और 40 हथियार बरामद हुए हैं। यहाँ से 2 टन विस्फोटक भी बरामद हुआ है।

कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यह नक्सली 35 अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए हैं। यहाँ लगातार सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच लड़ाइयाँ हुई हैं। इस लड़ाई में सुरक्षाबलों के तीन जवाब बलिदान भी हुए हैं। इस ऑपरेशन को CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG समेत बाकी सुरक्षाबलों ने अंजाम दिया है।

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा पर मौजूद इस पहाड़ी पर अब सुरक्षाबलों का कब्जा है। इससे पहले इसे नक्सली छुपने के लिए इस्तेमाल करते थे। यह भी खबर सामने आई थी कि यहाँ नक्सलियों के टॉप कमांडर रहा करते थे। यहाँ मोस्ट वांटेड नक्सली हिडमा की मौजूदगी का भी पता चला था।

लगातार मारे जा रहे नक्सली

गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च, 2026 का समय सुरक्षाबलों को नक्सलियों का सफाया करने के लिए दिया है। इसे लिए लगातार ऑपरेशन हो रहे हैं। 2024 में सुरक्षाबलों ने 290 नक्सली मारे थे। वहीं 2025 में यह संख्या लगभग 130 पहुँच चुकी है। सैकड़ों की संख्या में नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।

वर्ष 2025 में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ लगातार बड़ी सफलताएँ हाथ लगी हैं। अब तक कई ऐसे ऑपरेशन छत्तीसगढ़ में हो चुके हैं, जिनमें एक दर्जन से ज्यादा नक्सली एक साथ मार गिराए गए हों। एक रिपोर्ट बताती है कि अब तक 2025 के भीतर छत्तीसगढ़ में 120 से अधिक नक्सली मार गिराए गए हैं।

2025 के पहले दिन से ही सुरक्षाबलों ने नक्सलियों पर शिकंजा कसना चालू कर दिया था। 2 जनवरी, 2025 को बीजापुर में हुई मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए थे। उसके बाद यह सिलसिला चलता ही रहा। 16 जनवरी को हुई एक मुठभेड़ में 18 नक्सली मार गिराए गए थे।

21 जनवरी, 2025 को गरियाबंद पहाड़ी पर हुई एक मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए थे। इनमें नक्सलियों का टॉप कमांडर चलापति भी था। चलापति ₹1 करोड़ का इनामी नक्सली था। उसके साथ ही एक-दो और भी बड़े कमांडर मारे गए थे।

इस वर्ष की सबसे बड़ी मुठभेड़ 9 फरवरी को हुई थी। नेशनल पार्क क्षेत्र में हुए ऑपरेशन के दौरान यहाँ 31 नक्सली मार गिराए गए थे। यह ऑपरेशन महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सुरक्षाबलों ने मिलकर किया था। यह हमला नक्सलियों की एक मीटिंग पर हुआ था। इसी तरह के बड़े ऑपरेशन के चलते नक्सलियों की अब कमर टूट गई है।

सुरक्षाबल अब उन इलाकों में घुस रहे हैं, जहाँ पहले नक्सली एकक्षत्र राज कर रहे थे। उन्हें ग्रामीणों से मिलने वाला समर्थन भी अब कम हो चुका है। दुर्गम इलाकों में चौकियाँ बनाने के चलते सुरक्षाबल उनकी हर एक मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केरल में एलोहिम ग्लोबल वर्शिप सेंटर के पादरी बिनु वझामुट्टोम पर नाबालिगों से मारपीट, बंधक बनाकर जबरदस्ती काम कराने के आरोप: ईसाई नेता के...

केरल के पथानामथिट्टा में BJP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पादरी बिनू वझामुट्टोम के गिरफ्तारी की माँग की है।

महरंग बलोच पर मलाला का मौन… अफगान महिलाओं के लिए मंच-मंच भाषण, लेकिन पाकिस्तानी फौज के बलोचों के दमन पर नोबेल विजेता खामोश क्यों?

दुनिया के कोने-कोने से मानवाधिकार का झंडा उठाने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला पाकिस्तान में महरंग को उम्रकैद मिलने पर मौन बैठी है।
- विज्ञापन -