कोर्ट ने कहा कि सेक्युलरिज्म भारतीय संविधान के मूलभूत पहलुओं में से एक है और और इसे ज़िंदा रखने की जिम्मेदारी किसी एक संप्रदाय की नहीं है, बल्कि सभी भारतीयों को इसके लिए संचित प्रयास करने होंगे।
यूनिवर्सिटी में कहा गया है कि कोई भी सरकारी निकाय केवल तीन साल कार्यरत रह सकता है, उसके बाद उसका फिर से चयन होगा। हालाँकि, इस केस में इस पूरे मामले की अनदेखी की गई है।
इस केस में शिकायतकर्ता हंसराज चौधरी की पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला जज मदनपाल सिंह ने अभिनेता आमिर खान समेत चार अन्य को कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।