अपनी बात आगे बढ़ाते हुए जेमी डिमन ने कहा, "हम भारत को क्लाइमेट, लेबर और अन्य मुद्दों पर 'ज्ञान' देते रहते हैं और बताते हैं कि उन्हें देश कैसे चलाना चाहिए।
बॉर्नविटा कोई हेल्थ ड्रिंक नहीं है। सरकार ने ऐसा कोई गाइडलाइन नहीं जारी किया है। बॉर्नविटा ही नहीं, बल्कि ऐसे सभी पदार्थों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से एनर्जी ड्रिंक्स की कैटेगिरी से हटाने के लिए कहा गया है।
देश में शहर की तुलना में गाँव में खर्च तेजी से बढ़ रहा है। गाँवों में एक व्यक्ति अब प्रतिमाह औसतन ₹3773 जबकि शहर में ₹6459 खर्च कर रहा है। दोनों के बीच अब 71% का अंतर है, जो कि 2011-12 में 84% था।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वर्तमान में भारत के दसवें हिस्से के बराबर भी नहीं है। हालत इतनी पतली है कि उससे ज्यादा मार्केट कैप भारतीय कारोबारी टाटा समूह की है।