अगर आँकड़ों की बात करें तो प्रति 1000 की जनसंख्या पर उन देशों में बलात्कार की औसत घटनाएँ भारत से ज्यादा ही होती हैं। यहाँ हम इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या वेश्यावृत्ति और पोर्नोग्राफी को लीगल करने से रेप में कमी आएगी? इसका जवाब है- नहीं। इसके पीछे कई कारण हैं, जिन्हें आपको समझना होगा।
घटना के 4 दिन बाद मुख्यमंत्री केसीआर ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि वो इस ख़बर से व्यथित हैं। मुख्यमंत्री ने फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दिलाए जाने की बात कही है। लोग पुलिस व प्रशासन से नाराज़ हैं।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस विषय पर लोकसभा में ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा हर सुझाव को स्वीकार करने की बात कही। दोनों सदनों में इस वीभत्स घटना को लेकर सभी पार्टियों के सांसदों ने क्षोभ प्रकट किया।
डॉक्टर प्रीति रेड्डी रेप और हत्याकांड में पुलिस ने जो रिमांड कॉपी तैयार की है, उसकी एक कॉपी ऑपइंडिया ने भी एक्सेस की है। इस पूरी वारदात से लेकर उसकी जाँच और फिर आरोपितों की धर-पकड़ तक, इसमें पुलिस ने सभी जानकारियाँ एक जगह लिखी हैं।
भरोसा जीतने के लिए आरिफ ने डॉ. रेड्डी को अपना नंबर दिया था। जब स्कूटी ठीक कराने गया युवक काफी देर तक नहीं लौटा तो इस नंबर पर उन्होंने कॉल किया। इसी नंबर को ट्रेस कर पुलिस लॉरी तक पहुॅंची और मामले की गुत्थी सुलझी।
सभी दोषियों पर लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने घटना के दोषियों को फाँसी की सज़ा सुनाई थी, इसके बाद 29 अक्टूबर जेल प्रशासन ने चारों दोषियों को दया याचिका पर अर्जी देने के लिए सात दिन का वक़्त दिया था।
जब शिवा स्कूटी लेकर लौटा, तब मोहम्मद आरिफ ने 'प्रीति रेड्डी' का हाथ पकड़ा और केशवुलु ने उनके पाँवों को जकड़ लिया। नवीन ने पीड़िता का कमर पकड़ा और तीनों उन्हें उठा कर झाड़ियों में ले गए। पुलिस की रिपोर्ट में चारों आरोपितों के कुकर्मों का है पूरा विवरण।
"मेरी खुद की भी एक बेटी है, मैं 'प्रीति रेड्डी' के परिवार का दर्द समझ सकती हूँ। हैवानियत भरे कृत्य के लिए मेरे बेटे को फाँसी दे दी जानी चाहिए या फिर जिंदा जला दिया जाना चाहिए। अगर अपने बेटे का बचाव करती हूँ तो लोग पूरी जिंदगी मुझसे नफरत करेंगे।"
लिंगाराम ने बताया कि दोनों पहली नज़र में ही संदिग्ध प्रतीत हो रहे थे। उनकी गतिविधियाँ संदेहास्पद होने के कारण लिंगाराम ने उन्हें पेट्रोल बेचने से इनकार कर दिया। गवाह लिंगाराम ने पुलिस को यह भी बताया कि वो आरोपितों को सामने देखते ही पहचान सकते हैं। इसके बाद ही...
14 साल की लड़की और उसका दोस्त डांडिया बाज़ार की एक मस्जिद के उर्स समारोह में शामिल होने गए थे। वहाँ से, वे लगभग 8 बजे नवलाखी परिसर में घूमने गए। यहीं पर स्केच में दिख रहे आरोपितों की शक्ल के जैसे दो लोगों ने खुद को पुलिसवाला बता कर...