वीडियो में दिखाया गया कि हवाई अड्डे के पास ऊपर एक विमान को मिसाइल ने निशाना बनाया, तभी एक छोटा धमाका हुआ, लेकिन विमान में विस्फोट नहीं हुआ। इसके कई मिनट बाद तक वो उड़ान भरता रहा लेकिन हवाई अड्डे से पहले वो दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
1990 में जब इराक़ ने कुवैत पर हमला किया था, तब वहाँ से 1 लाख 70 हज़ारो भारतीयों को निकाला गया था। लगभग ढाई महीने चली उस प्रक्रिया में एयर इंडिया की 488 फ्लाइट्स ने उड़ान भरी थी। आज खाड़ी देशों में हमारे 1 करोड़ लोग हैं।
जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या होने के बाद ईरान ने अमेरिका की सभी सेनाओं को आतंकी घोषित कर दिया है। इसके बाद अब ईरान अपने क्षेत्र के आसपास मौजूद अमेरिकी सेना पर कार्रवाई कर सकता है। ईरानी संसद के मुताबिक, अब पश्चिमी एशिया में.......
यह हमला बगदाद में एयरपोर्ट पर अमेरिकी रॉकेट हमले में ईरान के कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद हुआ है। बगदाद स्थित ग्रीन ज़ोन में लगातार यह दूसरा हुआ हमला है। इससे पहले, शनिवार की रात को भी रॉकेट से अमेरिकी दूतावास और एयरबेस पर रॉकेट से हमला किया गया था।
कमांडर सुलेमानी की मौत के बाद ईरान ने कोम की जमकारन मस्जिद की गुंबद पर लाल झंडा लहरा दिया है। इसे अमेरिका के खिलाफ जंग के ऐलान के तौर पर देखा जा रहा है। लाल झंडा शिया परंपरा में ख़ूनी प्रतिशोध का प्रतीक होता है।
ट्रंप ने खुलासा किया है कि सुलेमानी पर निर्दोष लोगों की मौत की सनक सवार थी। दिल्ली में हुई आतंकी घटनाओं के पीछे भी सुलेमानी का हाथ रहा है। उसने लंदन में भी आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया था।
तेहरान ने इस्लामाबाद को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी तीसरे देश के खिलाफ इस तरह के पोस्टर लगाना राजनयिक मानदंडों के खिलाफ है। पाकिस्तान ने एक मौखिक नोट के जरिए जब इस मुद्दे को उठाया तो तेहरान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
भले ही सलमा अंसारी ने मंदिर निर्माण के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी हो, लेकिन AMU प्रशासन द्वारा मंदिर-मस्जिद निर्माण की अनुमति संभव नहीं है। इसकी वजह यह है कि साल 2017 के बाद शिक्षण संस्थानों में धार्मिक स्थल के निर्माण पर रोक लगा दी गई थी।
एक कश्मीरी युवा पर रॉ की नजर थी। रॉ के स्टेशन चीफ, डीबी माथुर को साथी अधिकारियों ने इसके बारे में अंसारी को सूचना नहीं देने की सलाह दी। हालाँकि, माथुर ने अंसारी को इसकी जानकारी दे दी। कथित तौर पर अंसारी ने इसकी सूचना ईरान के विदेश विभाग को दी, जिससे एसएवीएके को इसकी भनक लग गई और फिर माथुर अगवा हो गए।