बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में मौलाना AFM खालिद हुसैन को शामिल किया गया है। उसका संगठन हिफाजत ए इस्लाम हिन्दू विरोधी हिंसा करता रहा है। यह संगठन बांग्लादेश को तालिबान बनाना चाहता है।
बांग्लादेश में जो आरक्षण विरोधी हिंसा और प्रदर्शन हुए थे, वो सिर्फ छात्रों का गुस्सा नहीं, बल्कि उनके गुस्से को इस्तेमाल करने वाले इस्लामिक आतंकवादी थे।