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Islamic Terror

‘पैगंबर मोहम्मद के कार्टून बना वो सोचते हैं कि ‘वो’ ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ समझ पचा लेंगे?’ नरसंहार ट्वीट का बचाव

खुद को भुक्तभोगी साबित करते और ट्विटर की आलोचना करते हुए महातिर मोहम्मद इस बात पर अड़े थे कि पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बनाना...

‘अल्लाह-हू-अकबर’ और ‘हत्या’ को इस्लाम से नहीं जोड़ा जा सकता: दिल्ली दंगों के ‘मास्टरमाइंड’ अपूर्वानंद का फ्रांस पर मास्टरस्ट्रोक

अपूर्वानंद ने अपने ट्वीट के माध्यम से यह बताना चाहा कि पिछले कुछ दिनों में फ्रांस में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा किए गए गैर-मुस्लिमों की हत्या का इस्लाम के साथ कोई लेना-देना नहीं है।

कुरान में गलती से जिस शख्स का पैर लग गया, पहले उसे मारा और फिर आग में झोंक दिया

“हमने उन्हें अपने पास सुरक्षित रखने की कोशिश की। लेकिन भीड़ ने इमारत को गिरा दिया और उनमें से एक को अपने साथ जबरन ले गए।”

एक ही दिन में ‘अल्लाह-हू-अकबर’ बोल कर फ्रांस में दूसरा आतंकी हमला, सऊदी अरब में भी दूतावास में तैनात गार्ड को मारा चाकू

फ्रांस के एविगनन शहर में एक व्यक्ति ने धारदार हथियार से पुलिसकर्मियों के एक समूह पर हमला कर दिया। इसी तरह सऊदी अरब के फ्रांसीसी दूतावास में तैनात सुरक्षाकर्मी पर धारदार हथियार से हमला किया गया।

फ्रांस के राष्ट्रपति ने इस्लाम के बारे में जो कहा, वही बात हर राष्ट्राध्यक्ष को खुल कर बोलनी चाहिए

इमैनुअल मैक्राँ ने वह कहा जो सत्य है। इस्लाम को उसके मूल रूप में जानना और समझना, उससे घृणा करना कैसे हो गया!

‘पैगंबर मोहम्मद पर कमेंट करने वाले गैर मुस्लिम (हिंदुओं) की सूची बनाओ, सबको जेल में डालो’ – जाकिर नाइक

"...अगर गैर मुस्लिम (हिन्दू) पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करते हैं तो उन्हें जेल में बंद कर दिया जाए। ऐसे लोगों का दस्तावेज़ तैयार करके..."

पैगंबर मोहम्मद के ढेर सारे कार्टून… वो भी सरकारी बिल्डिंग पर: फ्रांस में टीचर के गला काटने के बाद फूटा लोगों का गुस्सा

गला काटे गए शिक्षक सैम्युएल पैटी को याद करते हुए और अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करने के लिए पैगम्बर मोहम्मद के कार्टूनों का...

पेरिस: ‘घटिया अरब’ कहकर 2 बुर्के वाली मुस्लिम महिलाओं पर चाकू से हमला, कुत्ते को लेकर हुआ था विवाद

पेरिस में एफिल टॉवर के नीचे दो मुस्लिम महिलाओं को कई बार चाकू मारकर घायल कर दिया गया। इस दौरान 'घटिया अरब' कहकर उन्‍हें गाली भी दी गई।

हिन्दुओं की हत्या पर मौन रहने वाले हिन्दू ‘फ़्रांस की जनता’ होना कब सीखेंगे?

हमें वे तस्वीरें देखनी चाहिए जो फ्रांस की घटना के पश्चात विभिन्न शहरों में दिखती हैं। सैकड़ों की सँख्या में फ्रांसीसी नागरिक सड़कों पर उतरे यह कहते हुए - "हम भयभीत नहीं हैं।"

ऐसे लोगों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए, वहीं जाओ जहाँ ऐसी बर्बरता सामान्य है

जिनके लिए शिया भी काफिर हो चुका हो, अहमदिया भी, उनके लिए ईसाई तो सबसे पहला दुश्मन सदियों से रहा है। ये तो वो युद्ध है जो ये बीच में हार गए थे, लेकिन कहा तो यही जाता है कि वो तब तक लड़ते रहेंगे जब तक जीतेंगे नहीं, चाहे सौ साल लगे या हजार।

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