मक़बूल शेरवानी के इस कृत्य को आज भी याद किया जाता है और बारामुला में भारतीय सेना ने उसका स्मारक भी बनवाया है। प्रसिद्ध उपन्यासकार मुल्कराज आनंद मक़बूल शेरवानी से इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने उसके ऊपर एक उपन्यास लिखा जिसका शीर्षक था: Death of a Hero.
अपनी मौत से पहले कश्मीर की बेटी इशरत मुनीर मिट्टी का क़र्ज़ अदा कर चुकी थी। कश्मीर को बचाने वालों में इशरत अकेली नहीं थी। सत्तर वर्षों से घाटी के राष्ट्रवादी मुस्लिमों ने कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंक को परास्त करने में भूमिका निभाई है।
अगर पोप और शीर्ष इमाम के बीच का चुम्मा-बंधन पूरा हो तो पोप को हिन्दू मंदिरों पर ईसाई कट्टरवादियों द्वारा किए जा हमले और ननों के यौन शोषण पर भी चुप्पी तोड़नी चाहिए।
मोदी विरोध में ये लोग इतना आगे निकल चुके हैं कि जब तक उनकी आँखों के सामने विस्फोट नहीं होगा तब तक वो ये नहीं मानेंगे कि ऐसे ‘जुगाड़’ से भी बम बनाया जा सकता है।
ज़ाहिर तौर पर इन सब चीजों से सब्जी बनाई जाती है, और अलार्म क्लॉक का प्रयोग गरीब बच्चों को पढ़ाई के लिए जल्दी जगाने के लिए किया जाता है। वामपंथी पत्रकार सब परेशान हो गए कि विद्यार्थियों को पकड़ लिया, वो तो रसायन विज्ञान का प्रोजेक्ट बना रहे थे।