सांसद जामियांग स्वतंत्रता दिवस मनाते नजर आ रहे हैं। इस विडियो को सोशल मीडिया पर लोग हाथोंहाथ ले रहे हैं। भाजपा सांसद जामियांग इस विडियो में लद्दाख की जनता के साथ झूमते हुए नज़र आ रहे हैं। जनता खड़ी होकर...
महबूबा मुफ़्ती ने कहा था कि अगर अनुच्छेद 370 से छेड़छाड़ की गई तो J&K में कोई तिरंगे को कंधा देने वाला भी नहीं बचेगा। पिछले 3 साल में 700 आतंकियों को कन्धों की ज़रूरत पड़ चुकी है, वो भी चार-चार। समय बदल गया है। ब्लैकमेलिंग का ज़माना गया।
ओवैसी ने रजनीकांत के उस बयान पर भी तंज कसा जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर पर क्रन्तिकारी निर्णय लेने के लिए मोदी-शाह की तुलना कृष्ण और अर्जुन की जोड़ी से की थी। ओवैसी ने पूछा कि अगर मोदी-शाह को कृष्ण-अर्जुन कहा जा रहा है तो पांडव और कौरव कौन हैं?
एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि शेहला जैसे लोगों को सुरक्षा कवर देना जनता के टैक्स का ग़लत इस्तेमाल है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि अब जब जम्मू-कश्मीर पुलिस केंद्र सरकार के अधीन होगी, क्या शेहला रशीद अपनी सुरक्षा वापस कर देगी?
शाह फैसल पहले भी धमकी देते रहे हैं। वे ख़ुद को अलगाववादी घोषित कर चुके हैं। एक बयान में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों को भड़काने की कोशिश करते हुए कहा कि वे तब तक ईद नहीं मनाएँगे जब तक बेइज्जती का बदला नहीं ले लेते।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फेक न्यूज़ फैला रहे ट्विटर हैंडल्स को पाकिस्तानी एजेंसी ISI और पाक फ़ौज ऑपरेट कर रही है। कश्मीर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल स्वयं प्रकाश ने बताया कि ये ट्विटर हैंडल्स जम्मू-कश्मीर से ऑपरेट नहीं किए जा रहे हैं।
मैग्सेसे विजेता संदीप पांडेय जिस रिहाई मंच के बैनर तले अनुच्छेद 370 को लेकर विरोध प्रदर्शन करने वाले थे, वह संगठन आतंकवाद आरोपितों की पैरवी करता रहा है। इस संगठन ने मोदी के भाषण में बाधा पहुँचाने वाले लोगों का सम्मानित भी किया था।
जवाहरलाल नेहरू शेख अब्दुल्ला के साथ मिल कर जम्मू कश्मीर को सेकुलरिज्म का एक नया मॉडल बनाना चाहते थे और इसके लिए अब्दुल्ला को अम्बेडकर को मनाने को कहा। लेकिन अम्बेडकर ने अब्दुल्ला को जो जवाब दिया, उसे आपको जानना ज़रूरी है।
"भारत सरकार जम्मू कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों को जबरदस्ती बदलना चाहती है। क्या दुनिया सिर्फ़ देखती रहेगी और समर्थन करती रहेगी, जैसा कि म्यूनिख में हिटलर के काल में हुआ था?"