पाकिस्तान के आकाओं और "ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस" के नेताओं द्वारा हुर्रियत से जुड़े संगठनों के खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए। एनआईए के पास इससे सम्बंधित सबूत हैं और इसे लेकर शब्बीर शाह से पूछताछ की गई। शब्बीर के जम्मू, श्रीनगर और अनंतनाग में भी व्यापार हैं।
पैलेट गन कश्मीर की जनता के भले के लिए है। यह उनके भले के लिए भी है, जो अपनी ही रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को चोट पहुँचाते हैं, वरना इसकी जगह अगर अन्य हथियारों का प्रयोग किया जाए तो CRPF ने जो कोर्ट में कहा - लोगों के मरने की संभावनाएँ बढ़ जाएँगी - वो सत्य हो जाएगा।
24 सीटों को पाक अधिकृत कश्मीर के लिए खाली छोड़ा गया है और बाकी बची 87 सीटों पर ही चुनाव होता है। हर 10 साल बाद परिसीमन किए जाने की J&K की संवैधानिक व्यवस्था पर फारूक अब्दुल्ला सरकार ने रोक लगा दी थी। और अब उनके बेटे उमर इसका विरोध कर रहे हैं।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मारे गए आतंकी बुरहान वानी को 'साहब' कह कर संबोधित किया है। आतंकी को इज्ज़त देने के लिए उमर अब्दुल्ला की ख़ासी आलोचना हो रही है। अब्दुल्ला ने एक ब्रिटिश मीडिया एजेंसी से बात करते हुए...
कश्मीर से इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों का खात्मा करने के लिए जाकिर मूसा को मौत के घाट उतारना सुरक्षा बलों के लिए ज़रूरी हो गया है। जिसके लिए घाटी में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
गिलानी ने 2013 में कहा था कि सेना द्वारा चले जा रहे सद्भावना स्कूलों में सनक और बेहूदगी फैलाई जा रही है, जिसे बंद किया जाना चाहिए। इधर गुडविल स्कूलों के अच्छे परफॉरमेंस से ख़फ़ा हिज़्बुल मुजाहिदीन ने छात्रों के विरोध में पोस्टर्स चिपकाएँ हैं और कहा है कि ऐसा नहीं चलेगा।
NIA द्वारा कुछ मामलों की चल रही जाँच के दौरान यह सामने आया है कि LOC के रास्ते होने वाले व्यापार में कुछ चिंताजनक व्यापारिक कार्यों को अंजाम देने वाले लोग आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाले प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से बहुत करीब से जुड़े हैं, इसलिए जम्मू और कश्मीर में सलामाबाद और चक्कां-दा-बाग में LOC व्यापार को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।
शेख इमरान ने कश्मीरी युवकों से कहा कि वह ‘चौकीदार’ का जवाब ‘मुजाहिद’ से दें। सभी अपने नाम के आगे मुजाहिद लिखें। उन्होंने कहा कि मुजाहिद का मतलब ‘धर्मयोद्धा’ होता है, जो इस्लाम के दुश्मनों से लड़े।
जब महबूबा ने हिन्दुस्तान के मिट जाने की धमकी दी तो गौतम गंभीर से रहा नहीं गया और उन्होंने किया कुछ ऐसा कि तिलमिलाई महबूबा मुफ़्ती ने उन्हें ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया। जानिए दोनों में कैसे हुई ज़ोरदार बहस और गंभीर ने कैसे महबूबा के छुड़ाए छक्के।