6 दिसंबर को JNU के वामपंथी छात्रों ने बाबरी के समर्थन आपत्तिजनक नारेबाजी की और जुलूस निकाला। इस दौरान ''नहीं सहेंगे हाशिमपुरा, नहीं सहेंगे दादरी, फिर बनाओ, फिर बनाओ बाबरी" जैसे नारे लगने की खबर है।
आज का वैश्विक परिवेश ऐसा है जिसमें लाखों शरणार्थियों को अपनी बाँहें खोलकर स्वीकार करने वाला यूरोप भी परेशान है और तालिबानियों को एक समय वंडरफुल पीपुल बताने वाला अमेरिका भी।