टीपू सुल्तान के समय में शुरू हुआ ये रिवाज कोल्लूर के सुब्रमण्या में पुत्तुर के मंदिरों में किया जाता था। इसे बदलने की घोषणा कर्नाटक धर्मिका परिषद द्वारा की गई।
कॉन्ग्रेस नेता तनवीर ने कहा था कि वह किसी कीमत पर इन गुंबदों को तोड़ने नहीं देंगे जबकि प्रताप सिम्हा ने कहा था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह एक्शन लेंगे।