साथी कहता है कि सबको सन्देश मिल गया है, अब हमें निकलना चाहिए। इस दौरान रंगा पूछता है, "हिंदी की ज़रूरत नहीं है?" उसका साथी कहता है, "कोई ज़रूरत नहीं है।"
इस मंदिर में पुलिस को भी जूता पहनने की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद पुलिस ने बैरिकेटिंग कर न सिर्फ आम भक्तों को मंदिर में जाने से रोका, बल्कि जूता पहने पुलिस भी मंदिर परिसर में मौजूद रही।