इसमें कोई दो राय नहीं कि कॉन्ग्रेस का ये फैसला न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश में उस पर भारी पड़ेगा और संकट में पड़े कॉन्ग्रेस के राजनीतिक भविष्य के लिए ये ताबूत में आखिरी कील का काम करेगा।
“बिना लूट के कोई सुरक्षा की डील नहीं, बिना किक बैक के कोई सुरक्षा के संबंधित खरीदारी नहीं और इन सब में कहीं न कहीं कुछ कॉन्ग्रेस नेताओं के नाम आते हैं, उनके व उनके परिवार से जुड़े लोग आते हैं।”