Saturday, November 28, 2020
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बिहार चुनाव हार पर कॉन्ग्रेस में रार: 3 साल बड़े कॉन्ग्रेसी नेता पर CM गहलोत का गुस्सा, सलमान भी कूदे

"चुनाव हारने के कई कारण थे। कॉन्ग्रेस ने अलग-अलग मुश्किलों का सामना किया है। कॉन्ग्रेस पार्टी एक अकेली पार्टी है, जिसने देश को एकजुट किया हुआ है। कपिल सिब्बल को कोई जरूरत नहीं थी..."

राजस्थान के मुख्यमंत्री व कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने अपने ही पार्टी नेता कपिल सिब्बल पर तीखा वार किया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले कपिल सिब्बल पर निशाना साधते हुए अपना कॉन्ग्रेस प्रेम जाहिर किया और कहा कि पार्टी के दिग्गज नेताओं को कोई जरूरत नहीं है कि वह पार्टी के आंतरिक मामलों की मीडिया में चर्चा करें।

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कपिल सिब्बल के कदम से देश भर में कई पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएँ आहत हुई हैं। अपने ट्वीट की एक पूरी सीरीज में उन्होंने दावा किया कि आज भी कॉन्ग्रेस पार्टी एक अकेली पार्टी है, जिसने देश को एकजुट किया हुआ है और उसे व्यापाक विकास के रास्ते पर आगे ले जा रही है।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “कपिल सिब्बल को कोई जरूरत नहीं थी हमारे आतंरिक मामलों के बारे में मीडिया में चर्चा करने की। इससे देश भर के तमाम पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएँ आहत हुई हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “कॉन्ग्रेस ने अलग-अलग मुश्किलों का सामना किया है जिसमें 1969, 1977, 1989 और 1996 का समय शामिल है। लेकिन हर बार हम अपनी विचारधारा, आयोजनों, नीतियों, और पार्टी नेतृत्व में दृढ़ विश्वास के कारण और ताकतवर बन कर उभरे हैं।”

उन्होंने कहा, “हमने एक दूसरे के साथ और हर संकट में खुद को सुधारा है और 2004 में सोनिया जी के कुशल नेतृत्व में संप्रग सरकार भी बनाई थी, इस बार भी हम इससे पार पा लेंगे।”

उन्होंने आगे लिखा कि चुनाव हारने के कई कारण थे। लेकिन हर बार कॉन्ग्रेस के लोगों ने अविभाजित और पार्टी नेतृत्व में दृढ़ विश्वास दिखाया जिसके कारण हम हर मुश्किल समय के बाद ताकतवर और एक होकर उभरे।

गौरतलब है कि अशोक गहलोत के यह ट्वीट कपिल सिब्बल के बयान के बाद सामने आए हैं, जिसमें उन्होंने पार्टी नेतृत्व को लेकर अपनी बात रखी थी। सिब्बल ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि ऐसा लगता है कि पार्टी नेतृत्व ने शायद हर चुनाव में पराजय को ही अपनी किस्मत मान लिया है। उन्होंने कहा था कि बिहार ही नहीं, उपचुनावों के नतीजों से भी ऐसा लग रहा है कि देश के लोग कॉन्ग्रेस पार्टी को प्रभावी विकल्प नहीं मान रहे हैं।

उन्होंने कॉन्ग्रेस वर्किंग कमेटी में बदलाव का सुझाव देते हुए कहा कि सीडब्लूसी के सदस्य नॉमिनेटिड हैं, इसे लोकतांत्रिक बनाना होगा। उन्होंने कहा था कि बिहार और उपचुनावों में हालिया प्रदर्शन पर कॉन्ग्रेस पार्टी (के शीर्ष नेतृत्व) के विचार अब तक सामने नहीं आए हैं। शायद उन्हें लगता हो कि सब ठीक है और इसे सामान्य घटना ही माना जाना चाहिए।

यहाँ बता दें कि सिब्बल के ऐसे तीखे सवालों के बाद केवल सीएम गहलोत ही नहीं सलमान खुर्शीद ने भी उन पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा, जब हम बुरी तरह प्रदर्शन नहीं भी करते, तब भी लोग हमें ढंग से नहीं लेते। इससे पहले उन्होंने कहा था, “मुझे कपिल की बात पर कुछ नहीं कहना है। वो पार्टी के नेता हैं। मैंने उनका बयान पढ़ा, देखा और समझ लिया, लेकिन मुझे उस पर कुछ नहीं कहना।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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