"पाकिस्तानी सेना अभी कश्मीर मसले पर भारत से युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है। सुस्त होती अर्थव्यवस्था और बढ़ती महँगाई का आम आदमी के जीवन पर त्रासद असर पड़ा है।"- ये शब्द किसी भारतीय नेता या अधिकारी के नहीं हैं। ये बयान है पाकिस्तान की सैन्य वैज्ञानिक आयशा सिद्दीका के।
द वायर' का पत्रकार यह जानना चाहता था कि क्या पीड़ित ने बजरंग दल के कहने पर पुलिस में मामला दर्ज कराया है? हालाँकि, पीड़ित ने पत्रकार द्वारा बार-बार बात घुमाने के बाद भी अपने बयान पर कायम रहते हुए बताया कि पुलिस को उसने जो बयान दिया है, वह उसका ख़ुद का है।
2019 लोकसभा चुनाव कॉन्ग्रेस के टिकट पर लड़ कर हार चुके सिन्हा इस बात से भी गदगद दिखे कि पीएम ने प्लास्टिक को 'गुड बाय' कह कर प्रदूषण नियंत्रण में योगदान देने की अपील की। साथ ही सिन्हा ने पीएम द्वारा भारतीय पर्यटन को एक नया आयाम देने के लिए भी धन्यवाद किया।
आर्टिकल 370 पर फैसले का विरोध करने वाले कॉन्ग्रेसियों से हुड्डा ने कहा, "मैं एक देशभक्त परिवार से हूॅं। जो आर्टिकल 370 पर फैसले का विरोध कर रहे मैं उनसे कहना चाहता हूॅं-वसूलों पर जहॉं आँच आए वहॉं टकराना जरूरी है, जो जिंदा है तो जिंदा दिखना जरूरी है।"
"पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने ‘फॉरवर्ड पॉलिसी’ अपनाई जिसमें कहा गया कि हमें एक-एक इंच चीन की ओर बढ़ना चाहिए। कार्यान्वयन के दौरान यह ‘बैकवर्ड पॉलिसी’ बन गई। यही वजह है कि अक्साई चीन पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में है। उसके जवान डेमचोक ‘नाला’ तक पहुँच गए।"
हरीश जाटव की बाइक से एक महिला को टक्कर लग गई थी। इसके बाद महिला के परिजनों ने उसकी जमकर पिटाई की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस मॉब लिंचिंग के मामले को एक्सीडेंट साबित करने पर तुली हुई है।
पवार ने कहा, "राणे ने कॉन्ग्रेस में शामिल होने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था। राणे को लगा कि कॉन्ग्रेस वादा पूरा करेगी। मेरे जैसे नेताओं को पता है कि ऐसे वादे केवल फायदे के लिए होते हैं। मैंने कॉन्ग्रेस में लंबा वक्त बिताया है।"
शादी समारोह में एक हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। फिदायीन हमलावर ने शादी के स्टेज के पास खुद को उड़ा लिया। हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी ने नहीं ली है। लेकिन, जिस इलाके में धमाका हुआ है वहॉं अल्पसंख्यक शिया हजारा समुदाय के लोग काफी संख्या में रहते हैं।
जेएनयू का नाम बदलने का सुझाव पहली बार नहीं आया है। इससे पहले 2016 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि जेएनयू ऐसे लोगों का अड्डा बनती जा रही है जो देश के खिलाफ साजिश में शामिल है। उन्होंने इसका नाम बदल कर सुभाष चन्द्र बोस यूनिवर्सिटी रखने की मॉंग की थी।
खुसरो की कविताओं से पहले कल्हण की राजतरंगिणी को याद करना जरूरी है, जिसमें कश्मीर को 'कश्यपमेरू' बताया गया है। कहा जाता है कि महर्षि कश्यप श्रीनगर से तीन मील दूर हरि-पर्वत पर रहते थे। जहाँ आजकल कश्मीर की घाटी है, वहाँ अति प्राचीन प्रागैतिहासिक काल में एक बहुत बड़ी झील थी, जिसके पानी को निकाल कर महर्षि कश्यप ने इस स्थान को मनुष्यों के बसने योग्य बनाया था।