हरियाणा कॉन्ग्रेस में टूट तय, पूर्व CM हुड्डा बोले- वसूलों पर जहॉं आँच आए वहॉं टकराना जरूरी है

दो बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके हुड्डा ने कहा है कि कॉन्ग्रेस अब पहले जैसी नहीं रही। वह रास्ता भटक गई है। उन्होंने कहा कि वो ख़ुद को अतीत से मुक्त करने जा रहे हैं।

हरियाणा में कॉन्ग्रेस का दो फाड़ होना तय हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसी भी वक्त पार्टी से किनारा करने का ऐलान कर सकते हैं। रोहतक में रविवार को महापरिवर्तन रैली में वे अपनी ही पार्टी कॉन्ग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि देशहित के मसले पर वे कोई समझौता नहीं करेंगे।

दो बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके हुड्डा ने कहा है कि कॉन्ग्रेस अब पहले जैसी नहीं रही। वह रास्ता भटक गई है। उन्होंने कहा कि वो ख़ुद को अतीत से मुक्त करने जा रहे हैं। हरियाणा कॉन्ग्रेस में उनके इस बयान के बाद खलबली मच गई है। महापरिवर्तन रैली में कई अन्य नेताओं ने भी हरियाणा में हुड्डा को कमान न दिए जाने पर कॉन्ग्रेस नेतृत्व को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब सरकार कुछ अच्छा करती है तो वे उसका समर्थन करते हैं। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि कॉन्ग्रेस नेताओं ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह वो कॉन्ग्रेस नहीं है, जो हुआ करती थी। हुड्डा ने साफ़ कर दिया कि ‘देशभक्ति और आत्मसम्मान’ के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं कर सकते।

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आर्टिकल 370 के मसले पर हुड्डा ने कहा, “मैं एक देशभक्त परिवार से हूॅं। जो आर्टिकल 370 पर फैसले का विरोध कर रहे मैं उनसे कहना चाहता हूॅं-वसूलों पर जहॉं आँच आए वहॉं टकराना जरूरी है, जो जिंदा है तो जिंदा दिखना जरूरी है।”

72 वर्षीय हुड्डा ने कहा कि वह राजनीति से संन्यास लेना चाहते थे, लेकिन ‘हरियाणा की हालत’ को देखते हुए उन्होंने संघर्ष करने का निर्णय लिया है। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी परिवार की चार पीढ़ियों का कॉन्ग्रेस से नाता रहा है। रोहतक में हुई रैली को दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सम्बोधित किया और भाजपा पर निशाना साधा। रोहतक से 4 बार सांसद रह चुके हुड्डा को कई अन्य नेताओं ने सलाह दी कि अगर बात नहीं बन रही है तो वह अलग पार्टी या मंच का गठन करें।

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