मुर्तजा अब्बासी शूट ऐंड स्कूट यानी मारो और भागो की नीति पर काम कर रहा था। गोरखनाथ मंदिर पर हमले के बाद उसकी योजना नेपाल होते हुए सीरिया या अफगानिस्तान जाने की थी।
रिपोर्ट के अनुसार करौली में हिंसा से पहले ही हथियार जुटा लिए गए थे। इनमें पत्थर, लाठी और डंडे शामिल हैं। पुलिस ने हमलावरों को रोकने के प्रयास नहीं किए।