शायद राजदीप सरदेसाई पीड़िताओं के परिजनों से भी ज्यादा जानते हैं और जजों को पीड़िता के परिजनों को सुनने से पहले हर मामले में उनकी ही राय पहले जाननी चाहिए।
पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से उन्होंने राजनीतिक सरगर्मियों के केंद्र में खुद को रखा है, उसे देखते हुए लगता है जैसे उत्तर प्रदेश में चुनाव का बिगुल फूँक दिया गया है।
केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आतंकवादी गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए छोटे बच्चों को आतंकवादी संगठनों के चेहरे के रूप में दिखाया जा रहा है।
मैं कई ऐसे RSS के सदस्यों को जानता हूँ जिन्होंने सिर्फ इसी कारण से आरएसएस को छोड़ दिया क्योंकि उन्हें लगता है कि आरएसएस बदलाव लाने के प्रति कुछ ज्यादा ही नरम है।
मौजूदा साल यानी 2021 की बात करें तो इस साल पहले ढाई महीने में ही 12 विभागों ने पब्लिसिटी में 29.79 करोड़ रुपए खर्च किए। 'अल्पसंख्यक कल्याण विभाग' ने 50 लाख रुपए में से 48 लाख सोशल मीडिया पर खर्च किए।
मुस्लिम और ईसाई अपने मजहबी प्रतीकों का उपयोग रक्षा के लिए कर रहे थे। जबकि हिंदुओं की पहचान के लिए अभियान चला। पीले रंग से बड़े अक्षरों में उनकी संपत्तियों पर ‘H’ लिखा गया।