Homeराजनीतिस्पेस सेक्टर के लिए ₹1000 करोड़ का फंड, अयोध्या से सीतामढ़ी तक बिछेगी रेल...

स्पेस सेक्टर के लिए ₹1000 करोड़ का फंड, अयोध्या से सीतामढ़ी तक बिछेगी रेल लाइन: मोदी कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले

बिहार में होने वाले दोहरीकरण से नेपाल, पूर्वोत्तर भारत तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनों की आवाजाही में सुविधा होगी। दोनों योजनाएँ तीन राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार के 8 जिलों को कवर करेंगी।

मोदी सरकार की केंद्रीय कैबिनेट की बैठक दिल्ली में हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। ये फैसले रेलवे से लेकर स्पेस सेक्टर तक के लिए लिए गए। कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि भारत सरकार स्पेस सेक्टर में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपए का वेंचर कैपिटल फंड बनाएगी। इसे पाँच साल में खर्च किया जाएगा। 2025-26 में 150 करोड़, 2026-27, 2027-28 और 2028-29 में 250-250 करोड़, 2029-30 में 100 करोड़ खर्च होंगे। इसके साथ ही मोदी सरकार अयोध्या से लेकर सीतामढ़ी तक नई रेलवे लाइन बनाएगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विन वैष्णव ने यह जानकारी गुरुवार (24 अक्टूबर 2024) को कैबिनेट की बैठक के बाद दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक के दौरान आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने रेल मंत्रालय के 6,798 करोड़ रुपए के दो प्रोजेक्ट को पास किया।

इस कैबिनेट बैठक के दौरान रेलवे को लेकर अहम फैसले किए गए। इसमें नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढी-मुजफ्फरपुर खंड में 256 किलोमीटर की रेल लाइन को डबल किया जाएगा। वहीं अमरावती होते हुए एर्रुपलेम और नंबुरु के बीच 57 किमी की नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। यह आंध्र प्रदेश के एनटीआर विजयवाड़ा और गुंटूर जिलों और तेलंगाना के खम्मम जिले से होकर गुजरेगी।

वहीं, बिहार में होने वाले दोहरीकरण से नेपाल, पूर्वोत्तर भारत तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनों की आवाजाही में सुविधा होगी। दोनों योजनाएँ तीन राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार के 8 जिलों को कवर करेंगी।

इसके अलावा एक और परियोजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी देते हुए अयोध्या से माँ सीता के जन्मस्थान सीतामढ़ी तक करीब 257 किलोमीटर की रेल लाइन बिछाने का फैसला क‍िया है। यह रेल लाइन नेपाल सीमा के आसपास होगी। इससे उत्तर बिहार, मिथिलाँचल, पूर्वी चंपारण-पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर जैसे शहर जुड़ेंगे। ये प्रोजेक्ट पूरा करने में ₹4553 करोड़ का खर्च आएगा।

इससे पहले, 9 अक्टूबर 2024 को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में दिसंबर 2028 तक गरीबों को मुफ्त अनाज देने पर मुहर लगाई गई थी। इसके अलावा राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 4406 करोड़ रुपए के निवेश से 2280 KM सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई थी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PM-GKAY) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत जुलाई 2024 से दिसंबर 2028 तक मुफ्त फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति जारी रखने को भी मंजूरी दी गई थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि इसमें 17,082 करोड़ रुपए खर्च होंगें, जिसे पूरी तरह से केंद्र सरकार उठाएगी।

उससे पहले की बात करें तो 3 अक्टूबर 2024 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन के बोनस का ऐलान किया था। इसके लिए सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 2029 करोड़ रुपए के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी दी थी। इससे रेलवे के 11,72,240 कर्मचारियों का फायदा मिलेगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेहरू से राहुल तक आ गई कॉन्ग्रेस, पर राम मंदिर से खत्म नहीं हो रही घृणा: ‘इमाम-ए-हिंद’ वाली राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे...

जैसे ही चुनाव सिर पर आते हैं, तब कॉन्ग्रेसी 'इच्छाधारी सनातनी' बन जाती है। कभी राम को काल्पनिक बताती है, तो कभी 'इमाम-ए-हिंद' कहती है।

1973 का इजरायल-अरब युद्ध, तेल का संकट और ब्राजील का गन्ना मॉडल: कैसे दुनिया को मिला पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का फॉर्मूला, भारत भी...

एथेनॉल ब्लेंडिंग नया प्रयोग नहीं है। ब्राजील ने 1970 के तेल संकट के बाद इसे अपनाया और भारत ने भी दो दशक पहले इसकी शुरुआत की। विस्तार से पढ़ें।
- विज्ञापन -