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Madarsa

प्रधानाध्यापक फ़ुरक़ान अली के पीलीभीत स्कूल में छात्रों ने कभी नहीं गाया राष्ट्रगान, जाँच में हुआ ख़ुलासा

बच्चों के साथ बातचीत के दौरान, यह पाया गया कि स्कूल में बच्चों ने न तो कभी 'राष्ट्रगान' गाया और न ही आधिकारिक रूप से स्वीकृत प्रार्थना 'वो शक्ति हमें दयानिधि' गाई। बच्चों ने बताया कि उन्होंने हमेशा 'लब पे आती है दुआ' का ही पाठ किया है।

स्कूल के बच्चों से करवाई जाती थी मदरसे की ‘इस्लामिक’ प्रार्थना, शिकायत पर प्रिंसिपल फुरकान अली सस्पेंड

फुरकान अली के अनुसार उनके ऊपर लगे सभी आरोप फर्जी हैं। उनका मत है कि उनके स्कूल में सरस्वती वंदना भी करवाई जाती है, लेकिन चूँकि उनके स्कूल में 90 फीसद बच्चे मुस्लिम हैं तो उनके आग्रह पर इस्लाम की प्रार्थना करवाई जाती है।

10 बरस के मासूम का गला रेता, पुलिस को मदरसे के किसी अंदर वाले पर शक

"जब हमला हुआ तो हॉल में 17 छात्र थे। सभी सो रहे थे। हमलावर चुपचाप कमरे में पहुँचे और छात्र का गला रेतने के अलावा उसे चाकू घोंपा। आवाज़ें सुनकर एक दूसरा छात्र जाग गया और उसने मदद के लिए शोर मचाना शुरू किया तो हमलावरों को भागना पड़ा।"

मौलवी ने किया नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न, अवैध मदरसे से बचाई गईं 12 और लड़कियाँ

कुछ लड़कियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर मदरसा प्रशासन के ख़िलाफ़ शोषण की शिकायत की। अनवर कराक्कड़ ने बताया कि पूछताछ में 1 लड़की ने बताया कि मौलवी रफीक ने उसका यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौलवी को गिरफ्तार कर लिया।

नाबालिग को निकाह का झॉंसा दे मौलवी यूसुफ ने मस्जिद के मुसाफिरखाने में कई बार किया दुष्कर्म

आरोपित युसूफ पीड़िता के गाँव के एक मदरसे में मौलवी है। इस दौरान कई बार उसका खराब बर्ताव और हरकतें जाहिर होने पर ग्रामीणों ने उसे मदरसे से भगा दिया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपित को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भोपाल के मदरसे में जंजीर से बँधा मिला बच्चा: दीनी तालीम के नाम पर भीख भी मॅंगवा रहे मौलवी

मदरसों में गुलामों जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं बच्चे। मौलवी उनसे भीख मॅंगवा सालाना लाखों कमाते हैं। पैसा लेकर नहीं आने पर पीटते हैं। शिकायत करने पर धमकाते हैं। दीनी तालीम के नाम पर हो रहा है अमानवीय बर्ताव।

इमाम नहीं भिखारी बना रहे मदरसे: मौलवी भीख मॅंगवाते हैं, जंजीरों में बॉंध कर रखते हैं और रोज पीटते हैं

दीनी तालीम के नाम पर चल रहे मदरसों में गरीब लोग इस उम्मीद से अपने बच्चे भेज रहे कि वह बड़ा होकर इमाम बनेगा। पर मौलवी उनसे भीख मॅंगवा रहे। पैसा लेकर नहीं आने पर पीटते हैं। गुलामों की तरह रह रहे मदरसों के एक लाख बच्चों को मौलवियों से बचाएगा कौन?

मदरसे में चल रहा था 15 अगस्त का प्रोग्राम, कपड़े बदलते लड़कियों को CCTV में देख रहा था टीचर सुलेमान

सुलेमान अंसारी काफ़ी देर तक कैमरा चालू करके छात्राओं को कपड़े बदलते देखता रहा। इस बारे में पता चलने पर छात्राएँ सुलेमान अंसारी के पास पहुँची और विरोध जताया। लेकिन अंसारी ने उन्हें डराया-धमकाया कि अगर उन्होंने मुँह खोला तो वो मदरसे से उनका नाम काट देगा, उन्हें मदरसे से बाहर निकाल देगा।

मध्य प्रदेश: मदरसों ने कमलनाथ से अलग से मॉंगा मिड डे मील, कहा- एक रसोई का बना नहीं खाएँगे

2015 में मदरसों ने यह कहकर भोजन लेने से इनकार कर दिया था कि भोजन बनाने वाली संस्था इस्कॉन हिन्दुओं का धार्मिक संगठन है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भोजन बनाने के बाद भगवान को भोग लगाया जाता है और गंगाजल मिलाकर स्कूलों में भेजा जाता है।

जम्मू-कश्मीर में आम ज़िन्दगी पटरी पर: आज घाटी के साथ जम्मू में भी कई मदरसों को खोल दिया गया

जम्मू में मदरसों को फिर से चालू कर दिया गया है। घाटी में भी कई सारे मदरसों को फिर से चालू कर दिया गया। इससे पहले राज्य के कई इलाकों में स्कूल-कॉलेजों को खोल दिया गया था।

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