2015 में मदरसों ने यह कहकर भोजन लेने से इनकार कर दिया था कि भोजन बनाने वाली संस्था इस्कॉन हिन्दुओं का धार्मिक संगठन है। उन्होंने आरोप लगाया था कि भोजन बनाने के बाद भगवान को भोग लगाया जाता है और गंगाजल मिलाकर स्कूलों में भेजा जाता है।
जम्मू में मदरसों को फिर से चालू कर दिया गया है। घाटी में भी कई सारे मदरसों को फिर से चालू कर दिया गया। इससे पहले राज्य के कई इलाकों में स्कूल-कॉलेजों को खोल दिया गया था।
पुलिस ने आरोपितों को संरक्षण देने के आरोप में तीन मदरसा संचालकों- मौलाना हफीउल्ला, कारी वासिफ व मौलवी असरफ हुसैन को भी गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है।
चश्मदीद गणेश ने कहा है कि इमरान के साथ मारपीट आपसी दुश्मनी की वजह से हुई थी। जय श्री राम नहीं बोलने पर मारपीट की बात झूठी है। इमरान को गणेश और उसकी पत्नी ने ही बचाया था।
सपा के पूर्व विधायक ज़मीरुल्लाह ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मदरसे में किसी मंदिर की जरूरत नहीं है क्योंकि ऐसा करने पर कई और जगह भी लोग मदरसों में मंदिर बनाने की माँग कर सकते हैं।
"बड़ा अफसोस होता है जब लोग कहते हैं यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर लगनी चाहिए। आखिर क्यों जिन्ना की तस्वीर लगनी चाहिए और इसका विरोध आज तक क्यों नहीं किया गया है।"
बच्ची मदरसे में पढ़ने गई थी। वहीं मौक़ा देखकर मौलवी ने उसके साथ रेप किया। कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई तो बच्ची ने तुरंत मौलवी को पहचान लिया और पूरी घटना के बारे में बताया। सबा करीम नाम के मौलवी पर सख्ती बरतते हुए कोर्ट ने...
"हमारा जुमा है, अगर जुमा तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर हम बहुत... जो एक्शन कहीं भी नहीं हुआ होगा, वो होगा। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ये माहौल न बिगड़ने दे वरना जुमा है, कुछ भी हो सकता है। "
पुलिस का कहना है कि आरिफ तांत्रिक का काम भी करता है। बताया गया है कि मदरसे में एक सेफ में दवाइयों के डिब्बे रखे थे, इन्हीं में से हथियार मिले हैं। सीओ कृपा शंकर कनौजिया का कहना है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मदरसे में कुछ बाहरी लोगों का आना जाना है, इसी आधार पर छापेमारी की गई।