विषय

Madhya Pradesh

मेरे विधायकों को छुड़ा दीजिए, उन्हें बंदी बनाया गया है: सरकार बचाने के लिए शाह की शरण में CM कमलनाथ

कॉन्ग्रेस ख़ुद अपनी सरकार बचाने को लेकर आश्वस्त नहीं, उसे पता है कि सदन में वो अल्पमत में है। तभी विधायकों को अपनी पार्टी के साथ बाँध रखने में अक्षम CM कमलनाथ को गृहमंत्री अमित शाह को लंबा-चौड़ा 4 पेज का लेटर लिखना पड़ गया।

कमलनाथ की सलाह पर मध्य प्रदेश गवर्नर ने 6 सिंधिया समर्थक मंत्रियों को किया बर्खास्त, बेंगलुरु से वापस भोपाल लौट रहे हैं बागी विधायक

इन बर्खास्त किए गए मंत्रियों में इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युमन सिंह तोमर और डॉ. प्रभुराम चौधरी शामिल हैं।

सिंधिया ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया पर्चा: समर्थक MLA स्पीकर से मिलेंगे, होगी विडियोग्राफी

इस्तीफा देने वाले कॉन्ग्रेस विधायकों में से 6 आज स्पीकर से मिलेंगे। स्पीकर ने इन विधायकों से मिलकर इस्तीफे की सत्यता बताने को कहा था। 6 विधायकों को आज, 7 को शनिवार और बाकी 9 विधायकों को रविवार को उपस्थित होना है।

सिंधिया के BJP में जाते ही जमीन घोटाले की जॉंच फिर से, 2 साल पहले बंद कर दी गई थी फाइल

सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद ईओडब्ल्यू ने जमीन घोटाले की फिर से जाँच शुरू की है। 10 हजार करोड़ रुपए के इस मामले की पहली बार जॉंच शिवराज सरकार के जमाने में हुई थी। सबूत न मिलने पर फाइल बंद कर दी गई थी।

बागी विधायकों को बेंगलुरु मनाने पहुँचे कमलनाथ के मंत्रियों ने पुलिस से की धक्का मुक्की, हुई तीखी झड़प

ये दोनों ही मंत्री जबरन बागी विधायकों से मिलने की कोशिश कर रहे थे। इस पर कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा के दबाव में उसके दोनों नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इन मंत्रियों के साथ विधायक मनोज चौधरी के पिता नारायण चौधरी भी मौजूद थे।

मुगलों को धूल चटा दिल्ली में भगवा लहराने वाले सिंधिया, दिग्विजय के ‘गद्दार’ पूर्वज को सबक सिखाने वाले सिंधिया

इतिहास का यह पन्ना सन् 57 से भी पुराना है। तब सम्पूर्ण भारतवर्ष में मराठा शासन का प्रभाव चरम पर था। मुगलों से अपने तलवे चटवाने वाला एक सिंधिया भी था। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के पूर्वजों की बगावत को कुचलने वाला भी सिंधिया ही था।

बोए पेड़ बबूल का तो आम कहॉं से होए: आज MLA छिपा रही कॉन्ग्रेस, कभी उसके ही डर से आया रिसॉर्ट पॉलिटिक्स

जयपुर के दो रिसॉर्ट में कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश के अपने विधायकों को रखा है। रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का यह 14वॉं मौका है। अब तक नौ राज्यों की सियासी उठापठक की वजह से यह देखने को मिला है। इस सिलसिले की शुरुआत 1982 में कॉन्ग्रेस के ही भय से हुई थी।

हमने सोच समझकर निर्णय लिया, हम सिंधिया जी के साथ हैं, किसी के दवाब में नहीं हैं: सभी विधायकों ने जारी किया वीडियो

प्रदेश में इन दिनों काला दिन चल रहा है। सिंधिया जी के कारण प्रदेश में सरकार बनी लेकिन उनकी और उनके साथ उनके समर्थक विधायकों की कमलनाथ सरकार में उपेक्षा की गई। कमलनाथ ने ठान लिया था कि सिंधिया जी के समर्थित विधायकों को न तो कोई काम देना है न ही उनकी सुननी है।

‘स्वागत है महाराज, साथ है शिवराज’: BJP के हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को ट्विटर पर बधाई की बहार

"आज यदि राजमाता साहब हमारे बीच होतीं तो आपके इस निर्णय पर जरूर गर्व करती। ज्योतिरादित्य ने राजमाता जी द्वारा विरासत में मिले उच्च आदर्शों का अनुसरण करते हुए देशहित में यह फैसला लिया है, जिसका मैं व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों ही तौर पर स्वागत करती हूँ।"

सियासी हलचल के बीच शिवराज से पूछा गया Mamaji Returns? जवाब मिला- मैं गया ही कहाँ था?

"मामा, ये सब बंद करो और जल्दी से पद ग्रहण करो, कल ही दिन में 5 बार लाइट गई है। अभी तो गर्मी भी नहीं और ये हाल है। अब बर्दाश्त नहीं होता।"

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें