इतनी दुर्भावना ले कर ज़िंदा ही क्यों हैं ऐसे लोग? इतनी घृणा ले कर हर दिन कैसे बिता रहे हैं लोग? क्या ये आश्चर्य की बात नहीं है कि आपको समुद्र तट साफ भी चाहिए, और कोई इसे एक जन-अभियान बनाना चाहता है तो आपको दर्द होने लगता है?
इस 3 मिनट की वीडियो में प्रधानमंत्री बीच पर कैजुअल कपड़ों में नजर आ रहे हैं। उन्होंने टीशर्ट और ट्रैक पैंट पहनी है और सैर के दौरान वे समुद्र किनारे पड़े कूड़े को अपने हाथ से उठा रहे हैं।
मोदी को लेकर आपका नज़रिया क्या है, इस पर राय कायम करने के पहले दो ऐसी घटनाओं की जानकारी ले लेना ज़रूरी है, जब कट्टरपंथियों ने मोदी को जान से मारने की धमकी दी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने उनके गिरफ्तार होने के बाद उन्हें माफ़ कर दिया ताकि उनकी ज़िंदगी न खराब हो।
मनीष तिवारी ने अपने एक ट्वीट में पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर चीन कश्मीर पर सवाल करता है तो यह बताना चाहिए कि तिब्बत, साऊथ-चाइना सी और हॉन्ग-कॉन्ग पर भारत की नज़र है ।
"पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयन्ती पर उनकी स्मृति को नमन। वे भारत के एक महान पुत्र थे, जिन्होंने हमारे देश की पूरी लगन और समर्पण के साथ सेवा की। उनकी सादगी, सत्यनिष्ठा और साहसिक नेतृत्व आज भी पूरे देश के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। "
पीएम मोदी ने कहा कि ‘प्लॉगिंग’ का इस्तेमाल विदेशों में होता था, जबकि भारत में रिपुदमन बेल्वी ने इसको काफी हद तक बढ़ावा दिया है। उन्होंने सिस्टर थ्रेसिया की बात करते हुए कहा कि उन्हें 13 अक्टूबर को वेटिकन सिटी में पोल फ्रांसिस द्वारा संत घोषित किया जाएगा।
पीएम मोदी शनिवार को अमेरिका दौरे से लौटे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। लौटने के बाद उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल सैनिकों को सलाम किया क्योंकि उस दिन सर्जिकल स्ट्राइक के 3 साल पूरे हुए थे।
जैसा अपेक्षित था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में वैश्विक चिंताओं पर गंभीरता दर्शाते हुए बगैर नाम लिए पाकिस्तान और उसे आँख बंद कर समर्थन देने वाले चीन पर भी निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंक के खिलाफ भारत की आवाज में दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता भी है और आक्रोश भी।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार पर बड़ा कदम उठाते हुए 15 इनकम टैक्स अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया है। इससे पहले भी ऐसा ही एक फैसला लिया गया था। उसमें हाई रैंक वाले भारतीय राजस्व सेवा के 27 अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया गया था।