इसरो चीफ के सिवन जब टूट रहे थे, तो उनके कंधों पर शाबासी की थपकी मिली किससे - खुद पीएम से। जब पीएम मोदी ने रोते हुए सिवन को गले लगाया तो उसमें यह संदेश छिपा था कि देश को आपकी सफलता पर गर्व है, जबकि आपकी विफलता पर वो आपके साथ और भी मजबूती के साथ खड़ा है।
भारत के लिए एक और खुशखबरी है। प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के अमेरिकी दौरे के दौरान बिल मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) द्वारा उन्हें स्वच्छ भारत अभियान के लिए उन्हें सम्मानित करेगा। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री जीतेंद्र सिंह ने दी।
"मोदी को UAE में मेडल मिला है तो आपको तकलीफ हो रही है। आप भीख माँगते फिर रहे हैं। आप बताएँगे कि आप उनके पाँव की जूती हैं तो वो आपकी इज्जत कैसे करेंगे?"
प्रधानमंत्री ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए उन लोगों पर प्रहार किया, जो कहते थे कि मौजूदा सरकार ने गरीब जनता के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि बहुत सारे लोग उनसे कहते हैं कि योजनाएँ और फंड तो पहले भी था, फिर उन्होंने अलग क्या किया?
"मैं नरेंद्र मोदी सरकार का एक कठोर आलोचक रहा हूँ और मुझे उम्मीद है कि सकारात्मक आलोचक रहा हूँ। समावेशी मूल्यों और संवैधानिक सिद्धांतों के कारण ही मैंने लगातार 3 बार चुनाव जीता है। मैं अपने कॉन्ग्रेस के साथियों से निवेदन करता हूँ कि मेरे विचारों की कद्र करें, यदि वे उससे सहमत नहीं हैं, तब भी।"
इस समिट में कई अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बियारित्ज़ पहुँचने से पहले पीएम मोदी ने बहरीन में 15,000 से भी अधिक प्रवासी भारतीयों को सम्बोधित किया।
पाकिस्तान के संसदीय दल ने अपना यूएई दौरा रद्द कर दिया। पीएम मोदी को यूएई द्वारा जायद मेडल से सम्मानित किए जाने को इसकी वजह बताई गई है। लेकिन, असली वजह कुछ और ही है। पाकिस्तान के आंतरिक सूत्रों से हम निकाल कर लाए हैं दिलचस्प ख़बर।
इस शो ने दुनियाभर में रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की। 36.9 लाख इम्प्रेशन और 61 लाख ट्यून-इन के साथ रात 9 से 10 बजे की समयावधि में यह इन्फोटेन्मेंट जेनर का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला शो बन गया।
पीएम मोदी मनामा में एक विशेष समारोह में श्रीनाथजी (श्री कृष्ण) मंदिर की पुनर्निर्माण परियोजना का शुभारंभ करेंगे। इसी तरह वह बहरीन का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बन जाएँगे।
नेता जी की बेटी अनिता बोस ने पीएम मोदी से हस्तक्षेप करने की माँग करते हुए दावा किया कि पिछली सरकारों में कुछ 'खास लोग' नहीं चाहते थे कि इस रहस्य से कभी पर्दा उठे। माना जाता है कि जापान के रेनकोजी मंदिर में रखी अस्थियाँ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हैं।