दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे अमित देशमुख को चिकित्सा एवं संस्कृति मंत्रालय दिया गया। बाकी कॉन्ग्रेस नेताओं को आदिवासी विकास, स्कूली शिक्षण, जनजातीय विकास, मत्स्य, ओबीसी कल्याण और डेयरी विकास देकर निपटा दिया गया।
इससे पहले एक महीने में जान देने वाले किसानों का आँकड़ा 300 के पार 2015 में पहुॅंचा था। राजस्व विभाग के आँकड़े बताते हैं कि बारिश में किसानों की 70% खरीफ़ की फसल नष्ट हो गई। अक्टूबर से नवंबर के बीच आत्महत्या में 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
"तीस साल से राजनीति कर रहा हूँ और अब इस तरह के राजनीतिक माहौल में हमारे लिए कोई जगह नहीं बची है। मैं पार्टी के किसी नेता से नाखुश नहीं हूँ लेकिन ऐसी राजनीतिक परिस्थिति बनी है कि इसके बाद अब मेरे जैसे लोगों के लिए सियासत में कोई जगह नहीं।"
महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले छोटे दलों के साथ कोई बातचीत नहीं की गई। इससे यह दल खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। महा विकास अघाड़ी में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन, शेकाप, समाजवादी पार्टी, सीपीएम, बहुजन विकास अघाड़ी, प्रहार और जोगेंद्र कवाडे की रिपल्बिकन पार्टी शामिल है।
किसानों की पूर्ण कर्ज माफी के नाम पर भले दो लाख रुपए तक का कर्ज ही माफ करने का ऐलान किया गया हो, लेकिन उसका श्रेय लूटने के लिए महाविकास अघाड़ी के साझेदारों में होड़ लग गई है। साथी दलों का कहना है कि शिवसेना अकेले श्रेय लूटने की कोशिश कर रही है जो ठीक नहीं है।
"जिस तरह जलियॉंवाला बाग में जनरल डायर ने लोगों पर गोली चलवाई थी, अमित शाह भी देश के लोगों पर ऐसे ही गोली चलवा रहे हैं। अमित शाह जनरल डायर से कम नहीं हैं।"
महाराष्ट्र में राजनीतिक रस्साकशी के दौर में शिवसेना सांसद संजय राउत का शायराना अंदाज आपने खूब देखा होगा। सोशल मीडिया में शेरो-शायरी के इस कीड़े ने उनके नए साथी एनसीपी की मुंबई इकाई के अध्यक्ष नवाब मलिक को भी काट लिया है। गौर फरमाइए,
रश्मि ठाकरे के भतीजे वरुण सरदेसाई का कहना है कि वे सीएम उद्धव की ओर से बैठक में हिस्सा ले रहे थे। सहयोगी एनसीपी को यह सफाई पसंद नहीं आई। उसने कहा है कि उद्धव ठाकरे की अनुभव की कमी साफ़ दिख रही है।
संजय ने कहा कि सभी मुंबई वालों के साथ उनकी भी यही डिमांड है कि इस निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर देना चाहिए। गौरतलब है कि आरे में मेट्रो परियोजना के लिए पेड़ काटने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है।