वह विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ चुका है। बीजेपी और मोदी के खिलाफ जहर उगलता है। उसके पिता सीएम रिलीफ फंड में दान देते हैं तो राज्य के गृह मंत्री खुद ट्वीट करते हैं। ऐसे में इस बात का जवाब विनय दुबे ही बेहतर दे सकता है कि उसने राजनीतिक हसरत पूरा करने के लिए ये सब किया या फिर किसी के इशारे पर वह ऐसा कर रहा था।
महाराष्ट्र के हाउसिंग मिनिस्टर जितेंद्र आव्हाड के सुरक्षाकर्मी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया। इस खबर की सूचना होते ही एनसीपी नेता ने खुद को क्वारंटाइन कर लिया। आव्हाड खुद को क्वारंटाइन करने वाले राज्य के पहले मंत्री हैं।
जितेंद्र ने पीएम मोदी द्वारा रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट्स के लिए लाइट्स ऑफ करके दिये, मोमबत्ती जलाने के आव्हान का विरोध किया था। आव्हाड ने लोगों से कहा था कि वो पीएम मोदी का बायकाट करें। इंजीनियर ने जितेंद्र के इस बात का विरोध किया, जिसकी उसे 'सज़ा' दी गई।
“मेरा बेटा, जो पेशे से इंजीनियर है, ने करीब 10 साल पहले शादी की थी। अभी उसकी सात साल की बेटी है और हम उसकी देखभाल कर रहे हैं। पिछले साल वह मेरे बेटे के साथ डेनमार्क जाने वाली थी। एक दिन, उसके व्हाट्सएप ने काम करना बंद कर दिया और मेरे बेटे ने....."
"सरकार को संविधान के अनुसार इसके प्रारूप में परिवर्तन करने होंगे। संविधान में स्पष्ट है कि धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जा सकती। जब उद्धव पूरे कानून को ध्यान से पढ़ेंगे तब उन्हें समझ आएगा कि NPR और NRC में बहुत फर्क नहीं है। एक बार आप NPR पर सहमत हुए तो NRC को नहीं रोक पाएँगे।"
एनसीपी नेता जितेंद्र के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद एनसीपी नेता के इस बयान की जमकर आलोचना की जा रही है।
"मैं पूरी क़ुरान जानती हूँ। इससे मुझे पता चला है कि ट्रिपल तलाक़ जैसी व्यवस्थाएँ होनी चाहिए। मैं मानती हूँ कि किसी को भी इसके लिए जेल नहीं भेजा जाना चाहिए।"
राज्य में शिवसेना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी के गठजोड़ में नवाब मलिक ने अहम भूमिका निभाई थी। एनसीपी उन्हें राज्य के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे के रूप में पेश करती रही है। उनके भाई का वीडियो वायरल होने पर उनका कोई बयान नहीं आया है।
मंगलवार को पुणे स्थित ABVP के कार्यालय पर हमला किया गया। हमलावरों ने ABVP ऑफ़िस के बाहर लगे बोर्ड को काली स्याही से रंग दिया। बाद में खुलासा हुआ कि हमलावर राष्ट्रवादी छात्र कॉन्ग्रेस के नेता और शरद पवार की राकांपा के छात्रसंघ अध्यक्ष थे।