इस्लामाबाद के रेड जोन में घुस सकते हैं आजादी मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी। भीड़ इतनी कि बलप्रयोग से भी हटाने में हो सकती है मुश्किल। इमरान ने कहा- मौलाना को हर हल में रोका जाए।
"हाँ, यह एक खतरे की घंटी है। फजलुर्रहमान इमरान खान को सत्ता से बेदखल करने के लिए आजादी मार्च का आयोजन कर अपना ताकत दिखाना चाहता है। मौलाना अपनी व्यक्तिगत प्रतिशोध के अलावा पाकिस्तान में आर्थिक संकट की स्थिति को भी भुनाने में लगा हुआ है।"
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान की मंशा पर उन्हें अब भी शक है। करतारपुर कॉरिडोर और गुरु नानक के नाम पर यूनिवर्सिटी शुरू करने जैसे पाकिस्तान के फैसलों को लेकर भारत को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।
एक अन्य संदेश में लिखा गया है, "मैं बहुत झूठ बोल सकता हूँ, क्या मैं अभिनंदन की तरह 'वीर चक्र' भी प्राप्त कर सकता हूँ।" हैकर ने विंग-कमांडर अभिनंदन वर्थमान और कुछ पुलिस कर्मियों के साथ एक फ़ोटोशॉप्ड तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें एक कैप्शन लिखा था कि ‘27 फ़रवरी याद है ना’।
सिद्धू की पत्नी ने कहा, "सिद्धू ने ज़रूरी अनुमति के लिए आवेदन किया है। उन्हें करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन कार्यक्रम में आने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से विशेष निमंत्रण मिला है। अगर उन्हें अनुमति मिलती है तो वह ज़रूर जाएँगे।"
इस ट्रेन में 857 लोग यात्रा कर रहे थे और त्रासदी और भी भयंकर हो सकती थी। रेलवे कमिश्नर ने भी कहा है कि इस्लामिक मिशनरी के सदस्यों द्वारा लाए गए गैस सिलिंडर के कारण ही आग लगी। मरने वालों में अधिकतर इस्लामिक मिशनरी संगठन के लोग हैं।
पाकिस्तानी ट्विटर यूज़र्स ने यह भी दावा करना शुरू कर दिया कि वीडियो पीरज़ादा के पूर्व प्रेमी द्वारा उनके मोबाइल फोन से लीक किए गए थे, जिनके पास उनका आईक्लाउड पासवर्ड था। कुछ हैंडल यह भी दावा कर रहे थे कि पीरज़ादा ने हाल ही में अपना फोन बेचा था जिसमें कुछ निजी वीडियो थे, हो सकता है कि वीडियो वहाँ से लीक हुए हों।
मौलाना फजलुर रहमान का आजादी मार्च 27 अक्तबूर को शुरू हो शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुॅंचा था। उन्होंने इमरान से दो दिन में इस्तीफा देने या गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है।
लश्कर ने इन कैंपों के लिए आतंकियों की भर्ती भी शुरू कर दी है। भर्ती स्वात घाटी के पास पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से सटे कबीलाई इलाकों, पेशावर, क्वेटा और इलाका-ए-घैर में की जा रही है।
"भारत से करतारपुर आने वाले सिखों के लिए दो बातें जरूरी हैं। पहला उन्हें पासपोर्ट की जरूरत नहीं है केवल एक वैध पहचान पत्र चाहिए और दूसरा उन्हें 10 दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।"