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पाक जाने को बेहद उतावले सिद्धू: फिर लिखा पत्र, कहा- परमिशन नहीं मिली तो बाघा बॉर्डर से ही चले जाएँगे

"इस निमंत्रण की पहली प्रति पहले ही जा चुकी है। कार्यक्रम बहुत स्पष्ट है और उसका समय 11 बजे तय किया गया है इसीलिए मेरा निवेदन है कि मुझे नौ नवंबर सुबह 9:30 से पहले गलियारे की सीमा पार करने की अनुमति दी जाए।"

अपने पाकिस्तान प्रेम को लेकर हमेशा विवादों में घिरे रहने वाले कॉन्ग्रेसी नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर पाकिस्तान जाने की अपनी दबी इच्छा को जताया है। कभी बाजवा से गले मिलने तो कभी इमरान खान की ताजपोशी में शामिल होने के चलते विवादों में घिरने वाले सिद्धू पाकिस्तान जाने को लकार काफी परेशान हैं।

दरअसल पाक में इमरान सरकार द्वारा नौ नवम्बर को होने वाले करतारपुर साहिब गलियारे के उद्घाटन कार्यक्रम में जाने के लिए सिद्धू ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से अनुमति माँगते हुए दूसरी बार चिट्ठी लिखी है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखी अपनी चिट्ठी में सिद्धू ने कहा है कि वे पाकिस्तान जाना चाहते हैं क्योंकि वहाँ की सरकार ने सिद्धू को करतारपुर के दरबार साहिब के इस उद्घाटन समारोह कार्यक्रम में आने का न्योता दिया है। बता दें कि यह गलियारा पंजाब के गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक गुरूद्वारे को पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब से जोड़ेगा।

मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में सिद्धू ने लिखा, “इस निमंत्रण की पहली प्रति पहले ही जा चुकी है। कार्यक्रम बहुत स्पष्ट है और उसका समय 11 बजे तय किया गया है इसीलिए मेरा निवेदन है कि मुझे नौ नवंबर सुबह 9:30 से पहले गलियारे की सीमा पार करने की अनुमति दी जाए।” सिद्धू ने कहा कि एक आम सिख की तरह वह करतारपुर स्थित दरबार साहिब में जाकर मत्था टेककर लंगर खाना चाहते हैं, कार्यक्रम में सम्मिलित होने के बाद वे शाम को गलियारे के रास्ते लौट आएँगे।

बता दें कि सिद्धू ने अपने पत्र में पाकिस्तान का वीजा न होने का उल्लेख करते हुए लिखा, “अगर सरकार से उन्हें परमिशन नहीं दी गई तो वह तय कार्यक्रम से एक दिन पहले आठ नवम्बर को वाघा स्थित भारत-पाक सीमा से पाकिस्तान जाएँगे, रात को गुरूद्वारे में ठहर कर अगले कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे और फिर अगले दिन गलियारे के ज़रिए भारत वापस आएँगे।”

दरअसल यह कोई पहला वाकया नहीं है कि जब सिद्धू पाकिस्तान को लेकर लालायित दिख रहे हैं। इससे पहले भी कई बार सिद्धू का नाम पाकिस्तान से जोड़ा जाता रहा है जिसके चलते अक्सर उनकी काफी आलोचना होती रहती है। करतारपुर के सम्बन्ध में सिद्धू ने शनिवार को भी पाकिस्तान जाने की अनुमति लेने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को चिट्ठी लिखी थी जिसे बाद में उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव के पास भेज दिया था। बता दें कि करतारपुर गलियारे के खुलने के साथ ही भारतीय श्रद्धालुओं को परमिट लेकर रावी नदी के दूसरी ओर पाकिस्तान के नरोवल जिले में स्थित करतारपुर साहिब के दर्शन करने की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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