Saturday, July 24, 2021

विषय

Partition

‘मैंने अपनी माँ और भाई को जिंदा जलते देखा’: विभाजन की वो कहानी जिससे आज भी काँपते हैं बेअंत सिंह

स्वतंत्रता विभाजन का दंश भी लेकर आया था। मेरठ के बेअंत सिंह तब केवल 11 साल के थे जब राव​लपिंडी में उनकी मॉं और भाई को जिंदा जला दिया गया था।

मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ, नहीं होता तो कई डायरेक्ट एक्शन डेज देखने पड़ते: कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता

“मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ क्योंकि अगर भारत का बँटवारा नहीं होता तो हमें कई 'डायरेक्ट एक्शन डेज' देखने पड़ते। ऐसी पहली कार्रवाई हमने जिन्ना के जीवित रहते 16 अगस्त 1946 को देखी थी, उस समय कलकत्ता में हजारों हिंदुओं को मार दिया गया था।"

देश के 25 करोड़ मुस्लिमों के लिए एक और पाकिस्तान और हिन्दुस्तान को हिन्दू राष्ट्र घोषित कर दीजिए: कॉन्ग्रेस नेता

कॉन्ग्रेस नेता की भारत तोड़ने की इस टिप्पणी पर न्यूज एंकर और भाजपा प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेता कि इस भड़काऊ और विभाजनकारी टिप्पणियों के लिए काफी आलोचना की। इसके बाद ट्विटर यूजर ने भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या कॉन्ग्रेस सच में ‘जिन्ना वाली आजादी’ चाहती है।

विभाजन और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक: कॉन्ग्रेस के लिए नेहरू और इतिहास से सीखने का वक्त

आज कॉन्ग्रेस CAA का विरोध कर रही है। इसका कोई आधार नहीं है। जरूरत है उसके नेता इतिहास को समझें। नेहरू मंत्रिमंडल में राहत और पुनर्वास के लिए अलग से मंत्रालय था। मोदी सरकार ने उसी प्रक्रिया का सरलीकरण किया है।

कमाल ‘अतातुर्क’ का ख़ूनी जुनून था जिन्ना के सर पर: अभिजित चावड़ा

अतातुर्क से प्रभावित जिन्ना हिंदुस्तान लौटे और देश का बँटवारा करा कर ही दम लिया; उनके हिंसक पैंतरे अतातुर्क द्वारा यूनानियों के कत्लेआम की नक़ल थी।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
110,922FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe