“मुझे खुशी है कि भारत का बँटवारा हुआ क्योंकि अगर भारत का बँटवारा नहीं होता तो हमें कई 'डायरेक्ट एक्शन डेज' देखने पड़ते। ऐसी पहली कार्रवाई हमने जिन्ना के जीवित रहते 16 अगस्त 1946 को देखी थी, उस समय कलकत्ता में हजारों हिंदुओं को मार दिया गया था।"
कॉन्ग्रेस नेता की भारत तोड़ने की इस टिप्पणी पर न्यूज एंकर और भाजपा प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेता कि इस भड़काऊ और विभाजनकारी टिप्पणियों के लिए काफी आलोचना की। इसके बाद ट्विटर यूजर ने भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या कॉन्ग्रेस सच में ‘जिन्ना वाली आजादी’ चाहती है।
आज कॉन्ग्रेस CAA का विरोध कर रही है। इसका कोई आधार नहीं है। जरूरत है उसके नेता इतिहास को समझें। नेहरू मंत्रिमंडल में राहत और पुनर्वास के लिए अलग से मंत्रालय था। मोदी सरकार ने उसी प्रक्रिया का सरलीकरण किया है।